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फ़रवरी, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आलोचना किसने की

 🔴1⃣ माया की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 मल्लिकुवरी 🔴2⃣ परिग्रह की आलोचना किस ने नही की❓ ✔🅰 मम्मण सेठ 🔴3⃣ मृषावाद की आलोचना किसने नही की❓ ✔🅰 गोशालक 🔴4⃣ अदत्तादान की उलीचना किसने नही की❓ ✔🅰 देवानंदा पूर्व भव 🔴5⃣ माया मोसो की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 रोहिनीयो चोर 🔴6⃣ अभ्याख़्यान (आक्षेप) की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 केतुमति ( अंजनजी के सास्) 🔴7⃣ द्वेष की आलोचना किसने नही की❓ ✔🅰 पालक प्रधान 🔴8⃣ कलह की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 चेडाराजा , चंडप्रद्योत 🔴9⃣ अदत्ता दान की आलोचना किसने की ❓ : ✔🅰 प्रभव आदि 500 चोर 🔴1⃣0⃣ राति अरती की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 मेघमुनि 🔴1⃣1⃣ मिछादर्शन शल्य की आलोचना किसने नही की❓ ✔🅰 जमाली 🔴1⃣2⃣ रुषभदेवजी के 99 पुत्रों ने किसकी आलोचना की ❓ ✔🅰 पैशून्य 🔴1⃣3⃣ शुभम चक्रवर्ती किसकी आलोचना नही कर पाए❓ ✔🅰 लोभ की 🔴1⃣4⃣ नंदिसेन मुनि ने किसकी आलोचना की❓ ✔🅰 मैथुन की 🔴1⃣5⃣ क्रोध की आलोचना किसने की ❓ ✔🅰 चंकौशिक नाग 🔴1⃣6⃣ परिग्रह की आलोचना किसने की❓ ✔🅰 इक्षुकार राजा 🔴1⃣7⃣ कंडरिक मुनि ने किसकी आलोचना नही की❓ ✔🅰 रति अरती की 🔴1⃣8⃣ प्राणातिपात की आलोचना कर के केवली कौन हुआ❓ ✔?...

माँ पर कविता

माँ का होना जीवन को मिला अनोखा उपहार माँ के बिना जिंदगी होती जार 2   माँ ही, शीतल चन्दन, माँ ही नर्म मलमल, माँ तुम अनगिनत सुमनों का परिमल माँ ही अदभुत धरातल, माँ ही स्नेहिल फलक । माँ तेरा दुलार ,जीवन मे रहता  आदी से अंत तलक मां तेरे, होने से सुवासित  , घर का हर  एक कोना  तेरा ना, होना जैसे ,किसी तजुर्बे  का खोना दर्द के जिस्त पर  माँ, लेप राहत का  धरती पर  माँ रूप भगवान का माँ ही फरिश्ता, माँ ही पैगम्बर होती है माँ दिखती है, बाहर ,पर रूह के अंदर होती है माँ बिन ,धरा पर सब असम्भव माँ का प्यार पाने,   देव , भी  छोड़ दे ,अपना देवत्व। माँ की बाहें ,तो जन्नत की गली , हर जिंदगानी ,वहां सदा मौजों में पली , गहन अंधेरों को उजालों में बदलती है औलाद के हर दुःख को पल में छलती है जो काट देती दर्दों को,  माँ वो दुआ  है। पारस हो गया वही जिसको  माँ तूने छुआ है बचपन में यू अक्सर  लगा,अँधेरा ही मुकद्दर है. पर माँ होसला देकर  बोली ,मैं हूं  तुम को क्या डर है। सारी कायनात ओ !माँ तेरे कदमों तले झुकती है कितनी गलती करदो ...