शुभकामनाएं
पलक हमारी दूसरी पीढ़ी की तुम पहली आंनद फुहार हो तुम्हारी हर नई हरकत, हर नयी दन्त विहीन पहली मुस्कान हो (तुम्हारे रुप में लिखा गया हमारे मन में एक वात्सल्य काव्य हो ) आज मायरे में तुम्हारे , अंगड़ाई ले रहे हमारे सुप्त से अरमान हैं नाना मामा मामी की यहीं शुभकामनाएं हैं कोई अधूरी तुम्हारी चाह न हो, व्यवधान भरी तुम्हारी राह ना हो जब भी तुम मांगों नभ का एक तारा तो रब दे दे आसमान सारा श्रेयांस के साथ हो रजत मय दिन औऱ नीलम सी पगी रातें जिंदगी का हर इक पल ले आये तुम्हारे लिये नित नई सौगाते इतनी सी हमारी दुआ क़बूल हो जाये, की तुम्हारी हर दुआ क़बूल हो जाये, 🌷🌷🌷🌷 घणे हरख स्यूँ हुए शादी रा नेग चार , चारों मेर सुगणा रा बधावाँ गुंज्या है पलक और श्रेयांस ने देख लागे गौर परणीजण ने ईशर घर आव्या है, नाना मामा मामी रे मन में भी तो हरख घणो छायो हैं जद ही तो मायरे की शुभ घड़ी में पलक ने आशिष देवण आप सब ने घणे मानस्यूँ बुलायो हैं स्वीकारो आज छोटो सो ओ भेंट स्वरूप बधावो ...