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अग्नि शर्मा कथा आरम्भ

 अग्नि शर्मा  भाग 1 कल बड़ा मजा आया , नहीं ?’ ‘अरे… बात ही मत पूछो… वाकई मजा आ गया था।’ ‘ओह, मेरा तो हंसने के मारे बुरा हाल था ।’ ‘सचमुच, ऐसा जुलूस तो हमारे नगर में पहली बार ही निकला होगा ।’ ‘कुमार , तुम भी क्या एक एक तरकीब खोज निकलते हो मौज मनाने की । जवाब नहीं तुम्हारा ।’ ‘पर… वह पुरोहित का छोकरा , बाकी… जँच रहा था गधे पर । इस शत्रुध्न ने तो ढोल पीट पीट कर सारे गाँव को सर पर उठा लिया था ।’ ‘और…यह कुष्णकांत… वाह। महाराजा अग्निशर्मा की क्या छड़ी पुकारी थी इसने । अरे… और तो और… वह गधा भी अपनी सुरीली आवाज में ढेचुम… ढेचुम… कर के सुर मिला रहा था ।’ ‘कितने सारे लड़के शामिल हुए थे जुलूस में । जैसे कोई राजा की सवारी निकली हो ।’ राजकुमार गुणसेन के सुसज्ज शयनखंड में चार दोस्त मिलकर गपशप किये जा रहे थे । सेनापति का लड़का जहरीमल, मंत्री का बेटा शत्रुध्न और राजकुमार गुणसेन का चचेरा भाई कुष्णकांत , ये तीनों लड़के राजकुमार गुणसेन की चापलूसी करने वाले थे । कुमार गुणसेन के अच्छे-बुरे कार्यो के साथी थे , साक्षी थे । कुमार गुणसेन का एक ही कार्य रहता था… औरों को दुःखी कर के मौज मनाना । परपीड़न करके आ...

दो" अक्षर में उत्तर दो

  से 2:45* 🌹 *टाँपिक~*  ```"दो" अक्षर में उत्तर दो प्रथम अक्षर पर बिंदी लगाए !``` 1⃣ भीम की माता का नाम❓ 🅰 कुंती 2⃣ एक प्रसिद्ध राजा❓ 🅰 शंख 3⃣ श्रवण कुमार के माता पिता थे❓ 🅰 अंधे 4⃣ प्रतिमा को सजाना❓ 🅰 आंगी 5⃣ सबसे बडी़ अग्नि❓ 🅰 चिंता 6⃣ धन्ना जी ने किससे बोध पाया❓ 🅰 आँसू 7⃣ नारकी और देवता होते है❓ 🅰 संज्ञी 8⃣ नवकार आर्यवृत है❓ 🅰 छंद 9⃣ मन में ना रखो वैर की......❓ 🅰गांठ 🔟 पाल बिना सरोवर ❓ 🅰 आँख 1⃣1⃣ उड़ती है पर दिखती नहीं❓ 🅰 नींद 1⃣2⃣ किस जानवर के शरीर पर बाल नही होते❓ 🅰 साँप 1⃣3⃣ देव वाचक जी की रचना❓ 🅰 नंदी 1⃣4⃣ नागश्री ने कड़वा बहराया❓ 🅰 तुंबा 1⃣5⃣ कौवे के जन्म से मरण तक नहीं होते❓ 🅰 दांत 1⃣6⃣ चिंटी आकर्षित होती है❓ 🅰 गंध 1⃣7⃣ एक भवा़वतारी देव❓ 🅰 चंद्र 1⃣8⃣ नागश्री ने कल्पवृक्ष उखाड़ कर बोए ❓ 🅰 कांटे 1⃣9⃣ इच्छा का पर्यायवाची ❓ 🅰कांक्षा 2⃣0⃣ श्रीपाल को बनाया गया ❓ 🅰 भांड 2⃣1⃣ वीरप्रभु की मैनें वैयावच्च की❓ 🅰 सिंह 2⃣2⃣ श्रीपाल को बनाया गया ❓ 🅰 भांड 2⃣3⃣ च्यवन के 6 महीने पूर्व हमारी कम हो जाती है 2⃣4⃣ पानी से मैनें तीर्थंकर गौत्र बांधा ❓ 🅰 शंख 2⃣5⃣ शिव...

पार्श्वनाथ भगवान् का इतिहास व प्रश्न

  *श्री पार्श्वनाथ भगवान् का इतिहास* _*च्यवन  :  चैत्र वदी  ४*_ _*जन्म  :  पोष वदी  १०  वाराणसी*_ _*दीक्षा  :  पोष वदी  ११ काशीनगरी*_ _*केवलज्ञान  :  चैत्र वदी ४ काशीनगरी*”_ _*निर्वाण  :  श्रावण सुदी ८ श्री सम्मेदशिखरजी, माक्ष क्षमण तप -कार्योत्सर्ग अवस्था में*_ इसी जम्बूद्वीप के दक्षिण भरतक्षेत्र में एक सुरम्य नाम का बड़ा भारी देश है। उसके पोदनपुर नगर में अतिशय धर्मात्मा अरविन्द राजा राज्य करते थे। उसी नगर में विश्वभूति ब्राह्मण की अनुन्धरी ब्राह्मणी से उत्पन्न हुए कमठ और मरुभूति नाम के दो पुत्र थे जोकि क्रमश: विष और अमृत से बनाये हुए के समान मालूम पड़ते थे। कमठ की स्त्री का नाम वरुणा तथा मरुभूति की स्त्री का नाम वसुन्धरा था। ये दोनों ही राजा के मन्त्री थे। एक समय किसी राज्यकार्य से मरुभूति बाहर गया था तब कमठ मरुभूति की स्त्री वसुन्धरा के साथ व्यभिचारी बन गया। राजा अरविंद को यह बात पता चलते ही उन्होंने उस कमठ को दण्डित करके देश से निकाल दिया। वह कमठ भी मानभंग से दु:खी होकर किसी तापस आश्रम में जाकर हाथ में पत्थर ...