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अप्रैल, 2023 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जैन की राष्ट्रीयता(पहचान)

 1 जैनियों का राष्ट्रीय सूत्र कौन  🅰️1 अहिंसा परमो धर्म | 2 जैनियों का राष्ट्रीय पर्व कौनसा हैं ?  A2 पर्युषण 3 जैनियों राष्ट्रीय पक्षी कौनसा है ?  🅰️शुक्पक्षी D 4 जैनियों के राष्ट्रीय देव कौनसे ? A 4 अरिहन्त, सिध्द ।  5 जैनियों का राष्ट्रीय फल क्या है ?  A 5 मोक्ष।  6 जैनियों के राष्ट्रीय गुरु कौनसे है ? 6 @ पंच महाव्रतधारी साधु-साध्वी ।  7जैनियों का राष्ट्रीय नारा क्या ? A 7जीओ और जिने दो। DB जैनियों का राष्ट्र गीत क्या है ? A A 8 मांगलिक सूत्र P 9 जैनियों की राष्ट्रीयता क्या है ?  जैनत्व |  10 जैनियों का लक्ष्य कौनसा है ? । 🅰️मोक्ष, सिध्दपद ।  11 जैनियों की राष्ट्रीय मिठाई ?  Aपच्चक्खाण के लड्डू।  12जैनियों का राष्ट्रीय धर्म कौन सा हैं ? केवलीप्ररुपित  13जैनियों का राष्ट्रीय शास्त्र कौनसा हैं ?  Aआगम सूत्र । 14 जैनियों की राष्ट्रीय भाषा कौन सी हैं ?  @ प्राकृत। 15 जैनियों की राष्ट्रीयभक्ति कौनसी हैं ?  साधर्मिक भक्ति 16 जैनियों का राष्ट्रीय ध्वज कौनसा हैं ?  Aरजोहरण, मुहपत्ति। 17 जैनियों की र...

मुहपत्ति

  मुँहपति 1. मुहपत्ति किसे कहते है ? उ. जो मुंह पर बांधी जाए उसे मुहपत्ति कहते है। ( * मुहपत्ति का ऐसा अर्थ न आगमों में हैं और न ही पूर्वाचार्य रचित टीकाओं में * *ऐसे अर्थ करने पर अनेक अनर्थ की संभावना आती हैं जैसे रजोहरण का शब्दार्थ सीधे सीधे रज/मिट्टी/कचरा को हरणे वाला यानी झाडू होगा *) 2. मुहपत्ति क्यो बांधी जाती है ? उ. मुहपत्ति जैन की पहचान है, जीव रक्षा, यूंक आदि से बचाव व धर्म चिन्ह के लिए मुहपत्ति मुंह पर बाँधी जाती है। ( * मुहपत्ति बांधना जैनो की पहचान हो तो फिर स्थानकवासी श्रावकों को भी 24 घंटे पहनके रखना चाहिए नही तो फिर जब जब बि मुहपत्ति बांधे रहेंगे तब तब अजैन कहलायेंगे । *) 3. मुहपत्ति मुंह पर रखने की मान्यता कौन कौन से जैन सम्प्रदायों में है ? उ.श्वेताम्बर परंपरा में स्थानाकवासी, तेरापंथी दोनो मुहपत्ति मुंह पर बांध है जबकि मूर्तिपूजक परंपरा में मुंह पर कपड़ा रखकर बोलने की परंपरा है।(*मुहपत्ति हमेशा बाँधे रखना श्वेतांबर परंपरा में नयी पैदा हुई अमूर्तिपूजक संप्रदायों की मान्यता हैं*) 4. खुले मुंह बोलने से जीव विराधना होती है ऐसा किस आगम में उल्लेख है ? उ. श्री भगवती सू...

श्मशान

       *🔮👉😊अंजु जी गोलछा,बिलासपुर* *▬▭▭▭❖▭▭▭▭❖▭▭▭▬​*           *🦚 टॉपिक:-   श्मशान🦜* ••─━━━✿✿━━━───•• 🦚🌼🌻🌹🦚🌼🌻🌹🦚 1⃣श्रीकृष्ण  इस भयंकर विनाश-लीला को देख रहे थे। सारी नगरी जीवित मनुष्यों और पशुओं की श्मशान भूमि बन गई । किसने  किया ये तांडव  हाहाकार देख रहे थे 🅰️द्विपायन मुनि 2⃣जब पिता की मृत्यु हुई और उन्हें अर्थी पर लिटा कर श्मशान की ओर ले जाया जा रहा था तब उस दृश्य को देख कर किस को विरक्ति हो गई। 🅰️स्थूलिभद्र 3⃣प्रद्युम्न ने पूछा : - कंहा जाऊ माताश्री? क्रुद्ध किसने  कहा : - श्मशान में जा। 🅰️सत्यभामा 4⃣कौन ऋषि राजगृही नगरी के बाहर श्मशान भूमि में एक पैर खड़े रहकर सूर्य के सामने अपनी दृष्टि स्थापित कर आतापना ले रहे थे जो पोतनपुर के राजा थे, 🅰️प्रसन्नचंद्र राजर्षि 5⃣एकांत व श्मशान भूमि आदि में कायोत्सर्ग आदि में खड़े रहना आदि कौन सा तप है।  🅰️संलीनता तप 6⃣शमशान से मृत बालक का मांस बनवाकर खिला दिया। किसने किसके लिये ,🅰️रसोइया ने कलिंग देश मे कांचनपुर नगर के राजा जितशत्रु के पुत्र का नाम...

अन्तिम कौन

 --विषय- अन्तिम कौन 1) - अन्तिम तीर्थंकर भगवान श्री महावीर स्वामी जी। 2)- अन्तिम गणधर प्रभासस्वामी जी । 3) अन्तिम केवली - जम्बूस्वामी जी । 4)- अन्तिम राजर्षि - उदायन जी । 5)- अन्तिम - आचार्य - दुःप्पसह जी । 6)- अन्तिम साध्वी- फाल्गुनी जी । 7)- अन्तिम श्रावक - नागिल जी । 8)- अन्तिम श्राविका - सत्यश्री जी । 9)- अन्तिम पूर्वधर - भद्रबाहुस्वामी जी । 10)- अन्तिम आरा - दुखम दुखम ( अवसर्पिणी ) । 11)- अन्तिम चक्रवर्ती - ब्रह्मदत्त जी । 12)- अन्तिम वासुदेव - कृष्ण महाराज जी । 13)- अन्तिम बलदेव- बलभद्र जी । 14)- अन्तिम प्रतिवासुदेव- जरासंध जी । 15)- अन्तिम व्रत- अतिथि संविभाग । 16) - अन्तिम विहरमान- अजितवीर्य जी । 17 ) - अन्तिम व्यसन परस्त्रीगमन । 18) - अन्तिम सूत्र- दशवैकालिक । 19)- अन्तिम निधि- शंख । 20)- अन्तिम मोक्षगामी - जम्बूस्वामी जी । 21)- अन्तिम पाप- मिथ्यात्व शल्य ।

शादी की बधाई50

 शादी की पवित्र डोर से बंधा है ये प्यार भरा बंधन, जीवन भर यूं ही रहें साथ-साथ ये कहता है मन, हमारे इस प्यार को नजर न लगे किसी की, मेरे हमसफर आपको हैप्पी 18th वेडिंग एनिवर्सरी। 50 सी वी शादी की सालगिरह की बधाई *प* द चाप  कहाँ सुनी   कब वर्ष बीत गए वर्षों में *चा* चाहत के रंग औऱ खिले उत्तरोत्तर मधु मासों में *स* संयुक्ताक्षर  से जिंदगी में    भर दिये सुमधुर सबंधो के छंद *वी* विश्वास ,वचन बद्धता वरियता इक दूजे के प्रति  हर हाल में सदा रही सँग *सा* साझेदारी  समझदारी से जो संजोया घर परिवार *ल* लबालब प्रेम का स्त्रोत  बहता  जाए युगो तक स्नेह से सरोबार मुबारक आपको यह दिन बार बार अंजू के भावों को करें स्वीकार उत्खनित स्वर्ण से कुंदन बनना  औऱ एक षोडशीऔऱ युवान से स्वर्ण जयंती  की यात्रा  औऱ इस रूप मे निखर आना कुछ  आसान नहीं होता कई परीक्षा से गुजरा आज कुंदन बन निखरा है यह रिश्ता बच्चों को संस्कार और सम्मान सिखाया है, जगमगाती रहे चाँद सी रोशनी । नीला गगन संग अम्बार लेकर । रौनक भरे जिंदगी में गजल ख़ुशियाँ लुटाये जग में नवी ब...

पांच शरीर

 ** *आज का टॉपिक:- पांच शरीर* 🙇‍♀1) शरीर किस कर्म की देन है? 💁1) शरीर नाम कर्म 🙇‍♀2) कितने शरीर के अंगोपांग होते है? 💁2) 3- औदारिक, वैक्रिय और आहारक शरीर 🙇‍♀3) औदारिक शरीर के साथ कौन से शरीर की नियमा है? 💁3) तेजस और कार्मण 🙇‍♀4) देव के उत्तर वैक्रिय शरीर की उत्कृष्ट स्थिति कितनी? 💁4) 15 दिन 🙇‍♀5) नारकी के उत्तर वैक्रिय शरीर की उत्कृष्ट स्थिति कितनी? 💁5) अन्तर्मुहूर्त 🙇‍♀6) यह शरीर का निर्माण एक भव में 2 बार हो सकता है? 💁6) आहारक शरीर 🙇‍♀7) सबसे सूक्ष्म शरीर कौन सा? 💁7) कार्मण शरीर 🙇‍♀8) आहारक शरीर का निर्माण कौन से गुणस्थान में होता है? 💁8) छट्ठे गुणस्थान  🙇‍♀9) शरीर के मुख्य अंग कितने व कौन कौन से? 💁9) 8- दो हाथ, दो पैर, सिर, छाती, पेट और पीठ 🙇‍♀10) कौन से द्रव्य की सहायता से शरीर मिलता है? 💁10) पुद्गल द्रव्य 🙇‍♀11) सबसे ज्यादा शरीर कौन से? 💁11) तेजस व कार्मण  🙇‍♀12) महाविदेह के मनुष्य ने वैक्रिय शरीर बनाया तो उत्कृष्ट से कितने काल तक टिक सकता है? 💁12) 4 मुहूर्त 🙇‍♀13) आहारक शरीर के साथ कौन से शरीर की नियमा है? 💁13) औदारिक, तेजस और कार्मण 🙇‍♀14...