संदेश

ब की बारहखड़ी

  * 💧ब उत्तरावली💧 * * 1. सोमप्रभ राजा के पिता का क्या नाम था ? * ▶️बाहुबली * 2. भगवान महावीर ने किस स्वप्न के द्वारा बताया कि आने वाले साधु शिथिलाचारी होंगे? * ▶️बंदर की चंचलता * 3. सम्मेतशिखर पर कितनी टूँकें विद्यमान हैं? * ▶️बीस * 4. वज्रायुध चक्रवर्ती ने कितने मास तक चौविहार उपवास किये ? * ▶️बारह * 5. पांडवों ने पालीताणा का कौनसा उद्धार करवाया ? * ▶️बारहवां * 6. चरवला कितने अंगुल प्रमाण कहा गया है? * ▶️बत्तीस * 7. अशकट पिता ने पूर्व भव में जो ज्ञानावरणीय कर्म निकाचित किया था, वह कितने वर्षों के अनवरत श्रम से नष्ट हुआ? * ▶️बारह * 8. वादिराज ने पार्श्वनाथ चरित्र में पार्श्व प्रभु की माता का क्या नाम लिखा है? * ▶️ब्रह्मदत्ता * 9. सुधर्मास्वामी बिना केवली अवस्था में कितने वर्षों तक संघ नायक के पद पर रहे? * ▶️बारह * 10. दीक्षा के कितने वर्षों के बाद जम्बू स्वामी केवली बने ? * ▶️बीस * 11. धन-परिजन में मूर्च्छित होकर मरना कौनसा मरण है? * ▶️बालमरण * 12. गणधर प्रवर कितने गुणों से शोभित होते हैं? * ▶️बावन * 13. मृगापुत्र का मूल नाम क्या था? * ▶️बलश्री *🌞श्री ज...

ध की बारहखड़ी

*🔹ध उत्तरावली🔹* *1. श्रेणिक राजा की रानी दुर्गंधा का पूर्व भव में क्या नाम था ?* ▶️धनश्री *2. शोभनमुनि के भ्राता का क्या नाम था?* ▶️धनपाल *3. सिद्धर्षि गणि ने गृहस्थावस्था में किस सेठ के घर नौकरी की थी?* ▶️धनसेठ के *4. चिलाती पुत्र ने किस सेठ के घर पर डाका डाला था?* ▶️धन श्रेष्ठि के *5. भुवनतिलक राजकुमार के पिता का क्या नाम था ?* ▶️धनद राजा *6. अच्वंकारीभट्टा किसकी पुत्री थी?* ▶️धन्ना सेठ की *7. आर्द्रकुमार की सास का क्या नाम था?* ▶️धनवती *8. किस आचार्य से प्रतिबोध प्राप्त कर सुव्रत सेठ ने ग्यारह व्रत स्वीकार किये?* ▶️धर्मघोष आचार्य से *9. हरितिलक राजा के पुत्र विक्रमपुर ने रोग को उपशांत करने के लिये किस यक्ष को सौ भैंसों का बलिदान करने की मानता मानी?* ▶️धनंजय को *10. किस कवि को परमार्हत् की उपाधि प्राप्त हुई?* ▶️धनपाल *11. द्वारिका नगरी का कौनसा वैद्य मृत्यु को प्राप्त कर अप्रतिष्ठान नरकावास में उत्पन्न हुआ?* ▶️धनवंतरी *12. शालिभद्र की पूर्व भव की माता का क्या नाम था ?* ▶️धन्या *🌞श्री जैन स्वाध्याय संघ अहमदाबाद-रतलाम🌞* •~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~• *🌞जिज्ञासा के मोती समाधान की चमक🌞* ...

विहरमान

आयारो न मोत्तव्वो' शब्द साधु  जी कब बोलते है ? - जैन धर्म में विहरमान तीर्थंकर कि संख्या 20 मानी गई है। ये वर्तमान अरिहंत है, जब भी हम नवकार महामंत्र बोलते है, तब हम सबसे पहले इन्ही विरहमान तीर्थंकरो को नमस्कार करते है। जब हम कहते है,णमो अरिहंताणं तब हम अरिहंत भगवान को नमस्कार करते है, क्योकि भगवान महावीर तो निवार्ण प्राप्त कर सिद्ध हो गये है, और वह णमो सिद्धाणं में ध्याये जाते है। श्री सिंमधर स्वामी जी विहरमान का अर्थ होता है विराजमान अर्थात्‌ जो वर्तमान में मौजूद है, जैन धर्म के 20 विहरमान तीर्थंकर इस समय महाविदेह क्षेत्र में विचरण कर रहे है, सीमंधर स्वामी जी जंबूद्वीप के इस महाविदेह क्षेत्र में प्रथम तीर्थंकर है। जब भी हम कोई उपवास करते है, तब हम 'श्री सिंमधर स्वामी' जी कि आज्ञा लेते है, क्यो? क्योकि वह अरिहंत भगवान है, जो इस समय महाविदेह क्षेत्र में विचरण कर रहे है । क्योकि इस संसार में धर्म का लोप कभी भी नही होता । इसलिए महाविदेह क्षेत्र में सदा चौथे आरे के समय जैसी व्यवस्था रहती है और सदैव यहाँ पर तीर्थंकर महाप्रभु विराजमान होते है । अतः अरिहंत प्रभु सदैव महाविदेह क्ष...

त की बारहखड़ी

 *🌞श्री जैन स्वाध्याय संघ अहमदाबाद-रतलाम🌞* •~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~• *🌞जिज्ञासा के मोती समाधान की चमक🌞* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 *🌞क्रमांक- 249* *🌞त उत्तरावली🌞* *1. गलत नाप/तोल करने वाला जीव प्रायः किस आयुष्य का बंध करता है?* ▶️तिर्यंच आयुष्य का *2. किसकी पालखी को शिबिका कहा जाता है?* ▶️तीर्थंकर की *3. बाहुबली किस राज्य का अधिपति था?* ▶️तक्षशिला का *4. वह कौनसी गति है जिसमें एकेन्द्रिय, द्वीन्द्रिय, त्रीन्द्रिय, चतुरिन्द्रिय एवं पंचेन्द्रिय, ये पांच प्रकार के जीव पाये जाते हैं?* ▶️तिर्यंच गति *5. अक्षर श्रुतज्ञान कितने प्रकार का कहा गया है?* ▶️तीन *6. वसु आचार्य के एक शिष्य का नाम बताओ जो निन्हव कहलाया ?* ▶️तिष्यगुप्त *7. सुभुम चक्रवर्ती की माता का क्या नाम था?* ▶️तारा *8. किस ज्योतिष्क देव का उत्कृष्ट आयुष्य पल्योपम का चौथा भाग है?* ▶️तारा *9. देवर्द्धिगणि क्षमाश्रमण ने जिनवाणी को किन पत्रों में लिपिबद्ध करवाया?* ▶️ताडपत्रों में *10. तामली तापस किस नगर का निवासी था?* ▶️ताम्रलिप्ति *11. श्रेणिक की मृत्यु किस विष से हुई?* ▶️तालपुट *12. च वर्ग का उच्चारण स्थान कौनसा है?* ▶️तालु *13. ज...

ढ बारहखड़ी से

 🌞ढ उत्तरावली🌞* *1. सूर्य-चन्द्र मेरु पर्वत की प्रदक्षिणा कहाँ देते हैं?* ▶️ढाई द्वीप के अन्दर *2. गुरु वन्दन के बत्तीस दोषों में से कोई एक?* ▶️ढढ्ढर दोष *3. धर्मनाथ भगवान कुमारावस्था में कितने काल तक रहे?* ▶️ढाई लाख वर्ष तक *4. कमठ का जीव पांचवें भव में कितने शरीर प्रमाण वाला नारकी जीव बना?* ▶️ढाई सौ धनुष *5. आर्यरक्षित ने किस श्रावक को वंदन करते देखकर वंदन विधि सीखी ?* ▶️ढढर श्रावक को *6. समवसरण की ऊँचाई कितने कोस की होती है?* ▶️ढाई कोस की *7. घुडसाल आदि में पैदा होने वाला एक चतुरिन्द्रिय जीव?* ▶️ढिंकूण *8. ढंढण कुमार की माता का नाम क्या था?* ▶️ढंढणा *9. कृष्ण महाराजा के एक पुत्र का नाम बताओ?* ▶️ढंढण *10. स्वलब्धि से शुद्ध आहार किस मुनि को छह महीने तक नहीं मिला?* ▶️ढंढण मुनि को *11. नेमिनाथ प्रभु के 18 हजार साधुओं में सर्वश्रेष्ठ मुनि कौन थे?* ▶️ढंढण मुनि *12. मोदक का चूर्ण करते-करते कर्मों का चूर्ण किसने किया ?* ▶️ढंढण मुनि ने *13. एक सौ बत्तीस सूर्य और चन्द्र कहाँ हैं?* ▶️ढाई द्वीप के बाहर *14. एक हजार कंचनगिरि पर्वत किस द्वीप में हैं?* ▶️ढाई द्वीप में *15. झांझण कुमार के संघ...

छः की बारहखड़ी

 *🌞श्री जैन स्वाध्याय संघ अहमदाबाद-रतलाम🌞* •~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~• *🌞जिज्ञासा के मोती समाधान की चमक🌞* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 *🌞क्रमांक- 238* *🌞छ उत्तरावली🌞* *1. कूर्मापुत्र केवलज्ञान होने के बाद कितने समय तक घर में ही रहे?* ▶️छह मास तक *2. वासुदेव व देवकी के कितने पुत्र समान वर्ण, कद, रुप एवं स्वरुप वाले थे?* ▶️छह *3. अशनादि आहार के लिये दूसरे साधुओं को आमंत्रित करना कौनसी समाचारी कहलाती है?* ▶️छंदना *4. प्रमाद प्रतिलेखना कितने भेद होते हैं?* ▶️छह *5. प्रतिलेखना के वस्त्र के दोनों हिस्सों को तीन तीन बार खंखेरना क्या कहलाता है?* ▶️छपुरिम *6. साधु कितने कारणों से गोचरी करता है अथवा नहीं करता है?* ▶️छह-छह कारणों से *7. परमात्मा महावीर के समय श्रेणी तप उत्कृष्ट रुप से कितने काल का कहा गया है?* ▶️छह मास का *8. धम्मिल कुमार ने कितने माह तक आयंबिल तप की अखण्ड आराधना की?* ▶️छह मास तक *9. जमाली मरकर कौनसे देवलोक में गया?* ▶️छट्ठे देवलोक में *10. प्रसेनजित कुलकर की अवगाहना कितने धनुष प्रमाण थी?* ▶️छह सौ *11. त्रस जीवों के नाक, कान आदि अवयवों को छिदवाने से प्राणातिपात व्रत में कौनसा अतिचार...

च की बारहखड़ी

 *🌞च उत्तरावली🌞* *1. चक्रवर्ती का स्त्री रत्न उससे कितने अंगुल अल्प परिमाण वाला होता है?* ▶️चार *2. चक्रवर्ती की सेना किस रत्न पर सवार होकर महानदियों को पार करती है?* ▶️चर्म रत्न पर *3. छह खण्ड की विजय का मार्ग चक्रवर्ती को कौनसा रत्न बताता है?* ▶️चक्र रत्न *4. पार्श्वनाथ प्रभु सुवर्णबाहु के भव में त्रिपष्ठि शलाका पुरुष में से क्या बने ?* ▶️चक्रवर्ती *5. पार्श्व प्रभु के प्रथम गणधर शुभदत्त ने कितने वर्षों तक संघ का नेतृत्व किया था?* ▶️चौबीस वर्ष तक *6. केशीश्रमण कितने वर्षों तक संघनायक रहे?* ▶️चौरासी वर्ष तक *7. 10वें, 11वें व 12वें गुणस्थानक में कितने परिषह संभव हैं?* ▶️चौदह *8. अजितनाथजी के शासन में हुए वज्रायुध त्रिषष्ठिशलाका पुरुष में से क्या थे?* ▶️चक्रवर्ती *9. उत्तराध्ययन आदि शास्त्रों में संमूर्च्छिम मनुष्यों की उत्पत्ति के कितने स्थान कहे गये हैं?* ▶️चौदह *10. महाविदेह क्षेत्र के तीर्थंकर कितने महाव्रतों की प्ररुपणा करते हैं?* ▶️चौदह *11. साधु के लिये आठ प्रहर में से कितने प्रहर स्वाध्याय के लिये कहे गये हैं?* ▶️चार *12. प्रथम प्रहर में लाया हुआ किस प्रहर में ग्रहण करने ...

घ की बारहखड़ी

 *🌞श्री जैन स्वाध्याय संघ अहमदाबाद-रतलाम🌞* •~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~• *🌞जिज्ञासा के मोती समाधान की चमक🌞* 🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞🌞 *🌞क्रमांक- 227* *🌞घ उत्तरावली🌞* *1. घर में प्रवेश न हो तब तक चारों आहार का त्याग करना, इस पच्चक्खाण को क्या कहते हैं ?* ▶️घर सहित *2. धन साहूकार ने किस चीज के दान से सम्यक्त्व का उपार्जन किया?* ▶️घी *3. स्तनित कुमार देव का एक इन्द्र?* ▶️घोष *4. मेघरथ व दृढरथ के पिता का क्या नाम था?* ▶️घनरथ *5. मेघरथ राजा के दीक्षा गुरु कौन थे?* ▶️घनरथप्रभु *6. पूर्वभव में शिव मंदिर बनाने वाले सागरदत्त का जीव मृत्यु के बाद क्या बना?* ▶️घोड़ा *7. छप्पन अन्तर्द्वीपों में से एक द्वीप का नाम बताओ ?* ▶️घनदन्त *8. मनुष्य क्षेत्र के बाहर अवस्थित द्वीपों में से एक?* ▶️घृतवर द्वीप *9. सातों नरक पृथ्वी पिण्ड के नीचे बीस हजार योजन की मोटाई में क्या है?* ▶️घनोदधि/घनवात *10. सम्पूर्ण लोक तीन प्रकार के जिन वलयों से घिरा हुआ है, उसमें से पहला वलय कौन सा है?* ▶️घनोदधि *11. आत्मा के मूल गुणों का घात करने वाले कर्मों को क्या कहते हैं?* ▶️घाती कर्म *12. इत्वरिक अनशन तप के छह भेदों में से एक भ...

25 बोल विवेचना भाग 1 से 25

 *संकलन कर्ता : अंजुगोलछा* 💫💫💫💫💫💫 *क्रमांक 1*, 💫💫💫💫💫💫💫 🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷 *1:2:21* *पहला बोल  -- गति चार* *भाग  -- 1* 1 नरक गति     2  तिर्यंच गति  3 मनुष्य गति   4  देव गति  गतियाँ जीव की होती है तो आइये पहले जीव के बारे में जाने जैन दर्शन में जीव दो प्रकार के माने गए हैं --  *२. जीव के दो प्रकार हैं*- *१. सिद्ध* *२. संसारी* वैसे ही राशि   दो भागों में विभक्त है , 1 जीव और 2,अजीव।  इन दो राशिमें सारा संसार  समा जाता है। इसके बाहर कुछ भी नही  यह वर्गीकरण संग्रहनय की दृष्टि से है।(संग्रह नय मतलब विस्तृत वस्तु को संक्षिप्त करके बताना )  इसमें एक दृष्टि से सारा संसार बंध गया। पर यह दृष्किोण व्यावहारिक कम है। किसी भी तत्व को व्यावहारिक बनाए बिना यह जन-भोग्य नहीं बन पाता। इसलिए, उक्त वर्गीकरण को व्यवहार नय की दृष्टि से समझना भी जरूरी है। इस क्रम में हम सबसे पहले जीव तत्त्व को लेते हैं। जीव के दो प्रकार हैं-सिद्ध और संसारी ।  पहले सिद्ध को जानने का प्रयत्न करते  है।(औऱ पहले सिद्ध ...