संदेश

महाभारत के प्रश्न

 🙏आज के प्रश्न के संक्षेप में उत्तर दीजिए।🙏 ************************* 1. पांच पांडवों का वर्णन कौन से सूत्र में आया हैं? 🅰️१ पांच पांडवों का वर्णन ज्ञाता धर्मकथान्ग सूत्र के सोलहवें  अघ्ययन में आया हुआ है। 2. कांपिल्यपुर के राजा द्रुपद की पुत्री का क्या नाम था? 🅰️२ द्रौपदी था 3. ''जाओ! तुम गंगा से नौका पार करो, फिर नौका लौटा देना'' ये पंक्तियां किसने किससे कहीं? 🅰️३ श्रीक्रुष्ण वासुदेव ने पांच पांडवों से कहा। 4. पांचों पांडव मुनियों ने क्या अभिग्रह किया? 🅰️४  पांडव मुनिओ ने भगवान अरिष्ट नेमि नाथ के दर्शन होने तक निरन्तर मासखमण की तपस्या करने का संकल्प किया। 5. द्रोपदी का जीव काल करके कहां उत्पन्न हुआ और कहां से मोक्ष जाएंगे? 🅰️५ ब्रह्मलोक देवलोक में उत्पन हुइ वहां से महाविदेह क्षेत्र में ( दृपद देव) जन्म लेगा और वहां से सिघ्ध बुघ्ध, और मुक्त होगा। 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹    *श्री महावीर पाठशाला ग्रुप* 🌹🌹 🌹🌹🌹🌹🌹🌹 *🌳25/6/ 2025 🌳*  *⏰समय:🕥9:30* *♾️ Topic:  महाभारत*📚  🎊🎊🎊 *✍🏻 आज की पाठशाला:हंसराज जी भंसाली*  ࿗🏳️‍🌈࿗🏳️‍🌈࿗🏳️‍🌈...

भ से भगवान

  *आज का टॉपिक*~ 🛩🛩🛩🛩🛩🛩  *'भ' की बारखडी* 🚁🚁🚁🚁🚁🚁🚁 📚🖌📘🖋📙🖍📚🖌📘 1️⃣भामाशाह के पिता का नाम क्या था? 🅰️भारमल जी कावेडिया 2️⃣भवदेव जी के भाई का नाम? 🅰️भवदत्त जी 3️⃣रामकृष्णा आर्या ने कौनसी प्रतिमा धारण की थी? 🅰️भद्रोतर 4️⃣सुबह के प्रतिक्रमण मे कौनसी सज्जाय बोली जाती है? 🅰️भरहेसर सज्जाय 5️⃣धार नगरी के राजा कौन थे? 🅰️भोज राजा 6️⃣पांचवें नंबर का अंग कौनसा है? 🅰️भगवती सूत्र 7️⃣भाण राजा ने कौनसी नगरी में राज्य किया था? 🅰️भीनमाल 8️⃣परमात्मा के पिछे कौनसा प्रतिहार्य होता हैं? 🅰️भामंडल 9️⃣प्रमाद के कारण निगोद मे कौनसे मुनि उत्पन्न हुए? 🅰️भानुदत्त मुनि 🔟देवगुप्त सुरी जी के आचार्य पद का महोत्सव किसने किया? 🅰️भैंसा सेठ 1️⃣1️⃣मेवाड़ के अनमोल दानवीर कौन हुए? 🅰️भामाशाह जी 1️⃣2️⃣सिद्धर्षिगणी कौनसे गांव के विद्वान मुनि हुए? 🅰️भीनमाल 1️⃣3️⃣समेतशिखर तीर्थ के अधिष्ठयाक देव कौन है? 🅰️भोमिया जी 1️⃣4️⃣मोतीशा ने कहाँ पर शत्रुंजयावतार जैसा जिनालय बनाया? 🅰️भायखला 1️⃣5️⃣अंगुली हिलाते हुऐ काउस्सग करे तो कौनसा दोष लगता है? 🅰️भ्रमितांगुली 1️⃣6️⃣वर्धमान सिंह सेठ ने कौनसे तीर्थ ...

ग्रंथ ऒर रचनाकार

 💐1⃣कलिकाल सर्वज्ञ श्री हेमचंद्राचार्यजीरचित चैत्यवंदन कौन से सूत्र में है❓💐 💐1⃣सकलार्हत💐 💐2⃣नाडोल नगर में मरकी रोग हटाने  श्री मानदेवसूरिजी ने इस सूत्र की रचना की❓💐 💐2⃣लघु शान्ति💐 💐3⃣श्रावक के ३६ कर्तव्य का वर्णन किस सूत्र में है❓💐 💐3⃣मन्नह जिणाणं💐 💐4⃣श्री बालचंद्र मुनि ने किस स्तुति रचना की❓💐 💐4⃣स्नातस्या💐 💐5⃣श्री अजितनाथजी व श्री शान्तिनाथजी कीस्तुति जिनकी रचना  श्री नंदिषेण मुनि ने की❓💐 💐5⃣अजितशान्ति💐 💐6⃣श्री मानदेवसूरजी  द्वारा रचा हुआ स्तव जिसमें १७० जिनेश्वरों की स्तुति है❓💐 💐6⃣तिजयपहुत्त💐 💐7⃣श्री जीवविजयजी द्वारा रचित तीर्थ वंदना सूत्र जो सुबह राईअ प्रतिक्रमण में बोला जाता है❓💐 💐7⃣सकलतीर्थ💐 💐8⃣श्री भद्रबाहु स्वामी द्वारा रचित श्री पार्श्वनाथजी का गुणस्तुति रुप स्तवन❓💐 💐8⃣उवसग्गहरं सूत्र💐 💐9⃣किस सूत्र के द्वारा इन्द्र महाराजा प्रभु की स्तुति करते है❓उनका दुसरा नाम शक्र स्तव है❓💐 💐9⃣नमुत्थुणं सूत्र❓💐 💐1⃣0⃣श्री गौतमस्वामीजी ने अष्टापद तीर्थ पर किस चैत्यवंदन सूत्र की रचना की❓💐 💐1⃣0⃣जगचिंतामणि सूत्र💐 💐1⃣1⃣किस सूत्र से प्रभु...

एक की संख्या

  *🦚 *टॉपिक -: एक की संख्या*🦜 *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* 🦚🌼🌻🌹🦚🌼🌻🌹🦚 आज का टापिक एक की संख्या 1️⃣एक करोड़ घोडे कौनसे राजा के पास थे? 🅰️ संप्रति राजा 2️⃣एक लाख भाई किस राजा के थे? 🅰️रावण जी 3️⃣एक योजन लंबा कौनसा नरकावास है? 🅰️अप्रतिष्ठान 4️⃣एक लाख लंबा कौनसा विमान है? 🅰️पालक-सर्वार्थसिद्ध 5️⃣एक करोड़ पुष्पों से जिन पुजा किसने की? 🅰️तेजपाल जी 6️⃣एक करोड़ दस लाख पद किस पूर्व के है? 🅰️विद्याप्रवाद 7️⃣एक कोष ऊंचा शत्रुजंय पर जिनालय किसने बनवाया? 🅰️भरत महाराजा 8️⃣एक हजार घुडसवार किसके संघ में थे? 🅰️झांझणशाह मंत्री 9️⃣एक सौ तंबोली किसके संघ में थे? 🅰️आभु संघवी 🔟एक जिनालय माता की इच्छा पूर्ण करने के लिए प्रतिदिन कौन बनवाता था? 🅰️पद्म चक्रवर्ती 1लाख योजन आयाम -विस्कम्भक विस्तृत द्वीप कौन सा A जम्बु द्वीप 1लाख योजन आयाम -विस्कम्भक विस्तृत कौन सा नरक अप्रतिष्ठान नरक 1लाख योजन आयाम -विस्कम्भक विस्तृत कौन सा  विमान पालक-यान विमान/सर्वार्थ सिद्धि विमान एक तारा किस नक्षत्र में हैं आद्रा नक्षत्र/चित्रा/स्वाति *

10 की संख्या

 *༺꧁ पारस प्रश्र मंच ग्रुप  ꧂༻* https://www.facebook.com/groups/parasprashnamanch/ *📕 रोज के 10 प्रश्र्न 📘*  *DSTE ~ 02/10/2020*  *आशीर्वाद एवं प्रेरणा स्रोत* *श्री चम्पक गच्छ नायक तपस्वीराज परम पूज्य गुरुदेव श्री पारस मुनिजी म.सा*  *प्रवचन प्रभावक परम पूज्य श्री पंकज मुनीजी म सा* ❀•~•~•~•~•~•~•~•~•~•❀       *🌸आज के गुरूजी 🌸*            *अजय जी भंडारी*                *अहमदाबाद* ❀•~•~•~•~•~•~•~•~•~•❀ *🦚 *टॉपिक -: दस की संख्या के प्रश्र्न*🦜 *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* 🦚🌼🌻🌹🦚🌼🌻🌹🦚 Toic: 10 संख्या की प्रश्नोत्तरी 🅿️1️⃣  10 हजार उघेशा किस आगम में आते हैं  🅰️1️⃣  भगवती सूत्र 🅿️2️⃣  10 प्रकार के कल्पवृक्ष का वणॅन किस में आता हैं? 🅰️2️⃣  समवायांग 🅿️3️⃣ 10 हजार योजनमूल में कौनसा पवॅत हैं ? 🅰️3️⃣  मेरुपवॅत 🅿️4️⃣  10  हजार साल जघन्य स्थिति किस नरक की हैं ? 🅰️4️⃣  रत्नप्रभा 🅿️5️⃣  10  लाख नरकवास कौनसी नरक में हैं ? 🅰️5️⃣ चौथ...

- 11 संख्या

*🦚 *टॉपिक - 11 अंक के प्रश्र्न*🦜 *〰️〰️〰️〰️〰️〰️〰️* 🦚🌼🌻🌹🦚🌼🌻🌹🦚 🅿️ 1️⃣  11 प्रतिमाह का वर्णन किस आगम में आता है ❓ 🅰️ समवायागं सुत्र। 🅿️2️⃣  11 सौ वैक्रिय लब्धि वाले साधु कौनसे तीर्थंकर के थे ❓ 🅰️ पार्श्व नाथ जी के । 🅿️ 3️⃣ 11 वें देवलोक का नाम क्या है❓ 🅰️ आरण देवलोक 🅿️4️⃣ 11 हजार वैक्रिय लब्धि धारी मुनि कौनसे तीर्थंकर जी के थे ❓ 🅰️श्रेयांस नाथ जी के । 🅿️5️⃣ 11  लाख 80 हजार 645 मासखमण वीर प्रभु ने कौनसे भव में किये थे ❓ 🅰️ नंदन मुनि जी के भव में । 🅿️6️⃣ 11हजार जिनमुर्ति की स्थापना किन्होंने करी थी ❓ 🅰️ वस्तुपाल जी, तेजपाल जी । 🅿️7️⃣ 11 पल्योपम की स्थिति वाले जीव कौनसी नरक में होते हैं ❓ 🅰️ पहली रत्नप्रभा नरक । 🅿️8️⃣  11 पल्योपम की स्थिति वाले देव कौनसे देवलोक में ❓ 🅰️सोधर्म- ईशान देवलोक । 🅿️9️⃣  11लाख बावन हजार पद्य कौनसे आगम के है ❓ 🅰️उपासक दशांग सुत्र में । 🅿️🔟  11 ही गणधर वीर प्रभु के कहां पर मोक्ष में जाएंगे ❓ 🅰️राजगृही के वैभारगिरि पर्वत से गये । श्रावक की प्रतिमा 11 लोकांतक में एक सौ ग्यारह योजन पर अबाधित क्या है ज्योतिष्क 1...

अरनाथ स्वामी

 🔔🌸🔔🌸🔔🌸🔔🌸🔔 चक्रवर्ती,कामदेव, तीर्थंकर तीन पद के धारी देवाधिदेव 18 वें तीर्थंकर श्री *अरनाथ स्वामी का केवलज्ञान कल्याणक*   तिथि कार्तिक शुक्ला द्वादशी,  शुक्रवार, दि. 27/11/2020  "छोड़ विभूति चक्रवर्ती की, निज वैभव प्रगटाया है। सम्यक चारित्र चक्र धारकर, कर्मचक्र विनाशाया है।।" *18 वें तीर्थंकरअरनाथ स्वामी का*  *पूर्व भव एवं जीवन परिचय*        जंबुद्वीप के पुर्व विदेह क्षेत्र में सीता नदी के विस्तृत पट पर वस्त नामक विजय था। उसमें सुसीमा नामक नगर था। उस पर धनपति नामक राजा राज्य करते थे। उसका राज्य कलह रहित परस्पर वात्सल्य भाव से रहने वाले लोगों से  मुनि के आश्रम जैसा लगता था। अनुक्रम से इस संसार को असार जानकर राजा ने संवर मुनि के पास दीक्षा ग्रहण की। विविध अभिग्रहों को धारण कर तीव्र तपस्या करते हुए इस पृथ्वी पर विहार करने लगे। एक समय पुरे चार माह के उपवास किये। पारणे के दिन जिनदास नामक सेठ के पुत्र ने श्रद्धापूर्वक उन्हें प्रतिलाभित किया। (जब प्रभु को केवलज्ञान हुआ तब समवसरण में उनके गणधर कुंभ ने देशना देते हुए प्रभु के धनपति र...

यक्ष यक्षिणी

*चइत्ता भारहं वासं, चक्कवट्टी महिडि्ढओ।* *संती संतीकरे लोए, पत्तो गईमणुत्तर।।* *ज्ञान वीतराग वाटिका* * उदाहरन :-  मा ती जी द्मा प व उत्तर - पद्मावती जी , पर्श्वनाथ जी 1️⃣ णी जी रो हि 🅰️ रोहिणी जी,  अजितनाथ जी  2️⃣  गौ जी री 🅰️ गौरी जी, श्रेयांसनाथ जी 3️⃣  ली हा जी का म 🅰️ महाकाली जी, सुविधिनाथ जी  4️⃣   या जी ज 🅰️ जया जी, कुंथुनाथ जी 5️⃣  वी जी व मा न 🅰️ मानवी जी, शीतलनाथ जी 6️⃣  न जी सी मा 🅰️ मानसी जी, धर्मनाथ जी  7️⃣   म मा न हा जी सी 🅰️ महामानसी जी, शांतिनाथ जी 8️⃣  ती व ता जी रा 🅰️ तारावती जी, अरहनाथ जी  9️⃣  द्धा नी य सि जी 🅰️ सिद्धायिनी जी, महावीर स्वामी जी 🔟  वे जी गा नो म 🅰️ मनोवेगा जी, पद्मप्रभु जी  *ज्ञान वीतराग वाटिका* *जय जिनेन्द्र* Date:- 25/11/20 *Topic :- तीर्थंकर जी के यक्षिणी वाहन  1️⃣ श्री आदिनाथ जी का यक्षिणी वाहन कौनसा हैं ? 🅰️  गरूड़ 2️⃣  श्री अजितनाथ जी का  यक्षिणी वाहन  कौनसा हैं ? 🅰️  गाय 3️⃣  श्री संभवनाथ जी का यक्षिणी वाहन...

जनरल21

 🙏एक शब्द में उत्तर दीजिए🙏 ---------------------------------------- 1. ज्ञाताधर्मकथांग सूत्र के 48 वा अध्ययन का नाम- 2. कनकरथ राजा के मंत्री का नाम- 3. मंत्री के घर पलने वाले बालक का नाम- 4. अपने सभी पुत्रों के अंग को विकृत करने वाले राजा का नाम- 5. तेतली पुत्र ने जिस स्त्री से शादी की- 6. तेतलीपुत्र को पोट्टिला भार्या अप्रिय लगने के किरण वह क्या करने लगी- 7. पोट्टिला ने सुव्रता आर्या से क्या मांगा? 8. आर्या से केवली प्ररूपित धर्म सुनकर पोट्टिला क्या बनी- 9. स्वर्ग में जाकर पोट्टिला किसे केवली प्ररूपित धर्म का उपदेश देगी- 10. तेतलीपुत्र काल करके कहां गये- 🙏आज के प्रश्नों के उत्तर🙏 ************************** 1. तेतलीज्ञात। 2. तेतलीपुत्र। 3. कनकध्वज। 4. कनकरथ। 5. पोट्टिला। 6. आर्तध्यान। 7. अपने पति की इष्ट और प्रिय बनना। 8. श्राविका। 9. तेतलीपुत्र। 10. मोक्ष।   कोन किसके लिए प्रसिद्व हुए          जैसे:-  विजय सेठ ---ब्रह्मचर्य 4⃣1⃣ जगडुशा ----दान 4⃣2⃣ धन्ना अणगार---तप 4⃣3⃣ खन्दक मुनि --क्षमा 4⃣4⃣ गौतम स्वामी ---विनय 4⃣5⃣ एकलव्य ---गुरु भक्ति 4⃣6...

रूद्र, नारद कामदेव कुलकर,

 11 रूद्र :-  जैन-मुनि दीक्षा लेने के बाद कर्म के तीव्र उदय से विषय-वासना वश संयम से भ्रष्ट होकर रौद्र कार्य करने वाले जीव को "रूद्र" कहते हैं ! ये 11 अंगों के ज्ञायक होते हैं ... किन्तु तप से भ्रष्ट होकर मिथ्यात्व को ग्रहण कर यह नियम से नरक को जाते हैं !!!  सबसे पहले रूद्र "भीमावलि" भगवान् आदिनाथ के काल में हुए, और सबसे आखिरी 11वें रूद्र "सात्यिक पुत्र" भगवान् श्री महावीर के युग में हुए l 9 नारद :-  - यह कलह-प्रिय और युद्ध-प्रिय जीव होते हैं ! - इधर की बात उधर करने में कुशल ! - नारायण और प्रति-नारायण को लड़ाने में नारद की ही प्रमुख भूमिका होती है ! - धर्म-कार्यों में तत्पर रहते हुए भी, हिंसा/कलह में रूचि रखने के कारण नरक-गामी होते हैं ! - जिनेन्द्र भक्ति के प्रभाव से शीघ्र ही मोक्ष पद को प्राप्त कर लेते हैं !!! इनके अलावा 24 तीर्थंकरों के माता/पिता भी दिव्य-पुरुष होते हैं, वह भी भव्य होने के कारण नियम से मोक्ष पद को प्राप्त कर लेते हैं !!! नारद और रूद्र अपनी आयु पूरी करके नरक जाते हैं और अगले कुछ भवों में मोक्ष प्राप्त करते हैं !!! 24 कामदेव :- - यह भव्य प...

सनत चक्रवर्ती कथा

 सनत चक्रवर्ती कुरु देश के गजपुर नगर में सनतकुमार राज्य करते थे।  उन्होंने सर्व राजा-रजवाड़ों को वश करके चक्रवर्ती पद प्राप्त किया था। वे खूब स्वरूपवान थे। उनके जैसा सुन्दर रूप धरती पर किसी का न था। इंद्र महाराजा ने देवों की सभा में सनतकुमार के रूप की प्रशंसा की। इंद्र महाराजा की वाणी सुनकर दो देवों को शंका हुई।  खेद पाकर दोनों देव रूप की परीक्षा करने  ब्राह्मण वेष धरकर सनतकुमार के पास पधारे। उस समय सनतकुमार स्नान करने बैठे थे। उनका रूप देखकर दोनों देव हर्षित हुए। सचमुच! जगत में किसी का न हो ऐसा रूप देखकर सनतकुमार को कहाँ, ‘आपका रूप देखने के लिए बड़ी दूर से आये हैं, वाकई विधाता ने आपको बेमिसाल रूप दिया हैं। ऐसा कहकर खूब बखान किया। सनतकुमार ने कहा, ‘इस समय मेरी यह काया स्नान के हेतु उबटन से भरी हुई हैं और काया खेह से भरी होने से बराबर नहीं हैं। मैं नहाकर पोषक – अलंकार धारण करके राज्यसभा में आउ तब मेरा रूप देखना यथार्थ रूप देखना हो तो राज्यसभा में पधारना।’ राज्यसभा की  तैयारी हुई। सनतकुमार आभूषण से सजधज कर आये और दोनों देव भी ब्राहमण वेष में सनतकुमार का रूप निहारने ...

ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती कथा

 ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती 1 भाग अंतिम चक्रवर्ती सम्राट ब्रह्मदत्त का जन्म भगवान अरिष्टनेमि के धर्म-शासन काल में हुआ था। ब्रह्मदत्त का जीवन एक ओर अमावस्या की अंधेरी रात के समान भीषण दुःखों से भरपूर था तो दूसरी ओर शरद पूर्णिमा की सुहावनी शीतल चाँदनी के समान सांसारिक सुखों से ओतप्रोत।  ब्रह्मदत्त का जीवनवृत्त सांसारिक जीवन की भटकाव भरी दुरूहता का भयंकर चित्र प्रस्तुत करता है, जो बहुत ही प्रेरक और वैराग्योत्पादक है। ब्रह्मदत्त पांचालपति ब्रह्म और उनकी रानी चुलनी के पुत्र थे। महारानी चुलनी ने गर्भ-धारण के उपरांत चक्रवर्ती के शुभजन्मसूचक चौदह महास्वप्न देखे और गर्भकाल पूर्ण होने पर परम कान्तिमय तेजस्वी पुत्र को जन्म दिया। पांचालनरेश को पुत्र का मुख देखते ही ब्रह्म में रमण करने के समान परम आनंद की अनुभूति हुई इसलिए इन्होंने बालक का नाम ब्रह्मदत्त रखा। पांचाल-नरेश ब्रह्म की काशी-नरेश कटक, हस्तिनापुर-नरेश कणेरुदत्त, कोशल-नरेश दीर्घ और चम्पापति पुष्पचूलक से बड़ी घनिष्ठ मित्रता थी। ये पाँचों मित्र पाँचो राज्यों की राजधानियों में एक-एक वर्ष के लिए साथ-साथ रहा करते थे। एक बार इस व्यवस्था के अन...

मगध_सम्राट_श्रेणिक कथा 3

  U 6-2-2021 #मगध_सम्राट_श्रेणिक - 74 चण्डप्रद्योत से टक्कर अभयकुमार चण्ड को चुनौती देकर राजगृही आये। श्रेणिकराजाa उसे देखकर प्रसन्न हुए। कुछ समय बाद अभयकुमार 2 सुंदर युवती तथा एक चण्ड जैसा कद-काठी वाला युवक के साथ व्यापारी का भेष बनाकर अवंति आया । अवंति मे घर किराये से लेकर रहने लगा।  अपनी योजना के मुताबिक अभयकुमार रोजाना उस चण्ड जैसे कद-काठी वाले युवक को खाट पर डालकर मजदूरों द्वारा वैध के यहां ले जाने के बहाने दूर तक ले जाने लगा। वह व्यक्ति चिल्लाता : - अरे, कोई मुझे बचाओ, मैं यहां का राजा हूं। शुरू-शुरू में लोग यह सुनकर राजा को बचाने इकट्ठा हो जाते। तब व्यापारी के रुप में बदले हुए भेष में अभयकुमार यह कहते : - अरे, यह मेरा भाई है, पागल हो गया है। इसी तरह कुछ भी बकता रहता है। उसे वैध के पास उपचार करवाने ले जा रहा हूं। लोग आश्वस्त होकर लौट जाते। यह प्रतिदिन होने लगा । अब लोग कुछ नही बोलते। न उसकी बात सुनते। योजना के अनुसार उधर एक दूसरा काम अभयकुमार के साथ आई 2 युवतियों ने किया। चण्ड के आने-जाने के स्थान व मार्ग पर सजधज कर आवागमन करने लगी। ताकि वे औऱ उनकी सुंदरता राजा की नज़रों ...