संदेश

कृष्ण जन्माष्टमी

तुम्हारा आना कान्हा दुनिया का उत्सव था इस नीरस से जग में ठिठोली,रास रंग , नटखट ,लीला का भरा तूने रंग था, तुमने इस दुनिया के तमाम रिश्तों से प्रीत की रीत निभा दी प्रेम वासना से परे ,सात्विक प्रेम की  सीख  सिखला  दी गीता का ज्ञान ,जीने की कला सीखा गया निराशा ,में आशा की ज्योत जल गया संसार में लिप्त दिख कर सदा ,संसार से अलिप्त रहे,    ,आज जन्मदिन पर आपकी येही कामना आप से सदा हमारी प्रीत रहे । प्रेम से बोलो जय श्री कृष्ण  आपकी  अदनी सीभक्तिन Anju

आचार्य को पत्र

पूज्यनी गुरुवर, महामना, महातपस्वी ओजस्वी, शास्त्र निष्णात प्रज्ञा के अनवरत स्तोत्र श्रीमद् गुरुवर आचार्य श्री महाश्रमण जी के पद पंकज में हमारी भावभीनी वंदना स्वीकृत हो|  तथा अरिहंतो से हमारी यही शुभेच्छा है कि आपका वृहद हस्त हम पर अक्षुण्ण बना रहे और ज्ञान साधना चिरतंरता के सभी सोपान पूरे करें| और हम पर आपके सानिध्य की निरंतरता बनी रहे| प्रथमत: तो हम आपका आभार मानते हुए कृतज्ञ हुए जा रहे हैं कि आपने अपनी करुणा दृष्टि छ.ग. पर की और मनेंद्रगढ़ (जो बिलासपुर संभाग में ही है) को समणी केंद्र से नवाजा आपकी  इस जरा नवाजी से उपकृत हुए| बिलासपुर में 2017, दिसंबर में उग्र बिहारी ज्ञानी, श्री कमल मुनि का चाहे अल्पकाल के लिए ही सही पर पदार्पण हुआ| और उनके निर्देशन एवं आपकी आज्ञा के पालनार्थ 30 दिसंबर 2017 से प्रति शनिवार को सामूहिक सामाजिक निरंतर चल रही है|  3 अगस्त को 84 वी सामूहिक सामायिक समापन हो गई | और आगे के लिए कृत संकल्प है बेशक तेरापंथ भवन नहीं है और घर भी एक दूसरे से दूर दूर है,  पर हम लोग प्रत्येक शनिवार को अलग-अलग घरों में क्रमश सामायिक करते हैं | इरादे हुए तो म...

अब कश्मीर हमारा है

आज मेरे दिल ने उकेरे हैं शब्द, आज दिवास्वप्न साकार हो गया, खीर और चीर देंने की बात का मोदी द्वारा अमल हो गया, सरदार वल्लभ भाईपाकिस्तान का आँचल झीना2 हो गया सोचता है दूर मुझ से कितना पश्मीना हो गया अंजु गोलछा आज स्वर्ग से फूल बरसा रहे होंगें,या कभी 2 तो लगता हैं मोदी के रुप में उनका पुन:र्वतार हो गया कश्मीर ले के रहेंगे ,और आज जब वो मिलगया ,तो च्यूंटी काट के विश्वास दिला रहे हैं, खुद को, की वो हमारा हो गया। इतना बड़ा मसला ,यूँ चुटकी में सुलझा ये तो क़माल हो गया, मोदी है तो मुमकिन हैं ,देश  फतह की गाथा हो गया, 15 अगस्त को तिरँगा जब लहराएगा कश्मीर की धरती पे , सब भारतीयों की शान होगा मत घबराना,आर्थिक मंदी से चंद दिनों की मेहमान हैं, हर मुद्दे ,को हल किया तो इसका भी समाधान होगा, मोदी हमारा निगेहबान है, मोदी चिरायु हो और भारत का विकास हो दिवास्वप्न अब साकार हो गया कश्मीर हमारा  मुल्क हो गया , मोदी को झूठा , लबार बताने वालों के मुंह पर ताला जड़ गया और हमारा विश्वास, विजय गान हो गया, मरने के बाद पता नहीं कहाँ जायेगें पर धरती का स्वर्ग अब हमारा हो गया , अब ...

सावन की स्पेशल हाऊजी

सावन की स्पेशल हाऊजी भारत के सभी 82,83  शिवालयों में श्रावणke 4 सोमवार पर हर-हर महादेव और बोल बम बोल की गूँज सुनाई देगी। श्रावण मास30 dino  में शिव-पार्वत‍ी2 ki पूजन बहुत फलदायी होता है। इसलिए सावन मास का बहुत मह‍त्व है। क्यों है सावन की विशेषता? :- हिन्दू धर्म की पौराणिक मान्यता के अनुसार सावन महीने को44  ,55देवों के देव महादेव भगवान3sul dhari शंकर का महीना माना जाता है। इस संबंध में पौराणिक कथा है कि जब79 ,85सनत कुमारों ने महादेव से उन्हें सावन महीना प्रिय होने का कारण पूछा तो महादेव भगवान शिव ने बताया कि जब देवी सती18 saal me अपने पिता दक्ष के घर में योगशक्ति से शरीर त्याग किया था, उससे पहले देवी सती ने महादेव को 7 जन्म में पति के रूप में पाने का प्रण किया था।53 49 साल बाद अपने दूसरे जन्म में देवी सती ने पार्वती के नाम से61 rajyoke se 27age ke raja हिमाचल और24 रानी मैना के घर में पुत्री के रूप में जन्म लिया। पार्वती ने 17 varsh ki युवावस्था के सावन महीने में निराहार रह कर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया, जिसके बाद ही महादेव के लिए5 va यह विशेष ह...

दोस्त एक मधुर अहसास

दोस्त कुछ और नहीं , लगती है ,अपनी परछाई है, इस त्रस्त व्यस्त जीवन को मिली ,रब की रहनुमाई है, हर वक़्त साथ रहती है, हर रंजो -गम ,में साथ निभाती है, विपरीत हो चाहें स्वभाव पर अन्दाज एक ही रहता है, दोस्ती पे जान लुटा दे , जज्बा यही कहता हैं। दोस्ती है तो सरगम है दोस्ती है तो नाज है , दोस्ती है ,तो आपके साज ,की आवाज है जंहा दुनिया आपके मन रखने को सराहती है, वहीं दोस्ती ,भूलों का अहसास कराती है आज रुढे, कल मान जाते हैं, दोस्त ,बचपनें का अहसास कराते हैं दोस्ती बिना, जीवन बिन राग का गीत है , जिंदगी निभाना लगता है एक रीत हैं रूढ़ के मत जाने दो ,अपने  मीत को, अपने ही हाथों मत हारों अपनी जीत को, दोस्त की दूरी , उसके नहीं होने का पल, पल अहसास  दिलाती हैं, उसकी दूरी मन को कचोटती है वादे ,वफ़ा मुहोब्बत ,प्यार जज्बात ,शिकवा गिला , दोस्ती हो तो इनका अर्थ है वरना सिर्फ शब्दार्थ है, दोस्ती वो क्या जाने?जिसके मीत नहीं जिंदगी हैं पर जीस्त नहीं फिर ये ही कहूँगी, दोस्ती ,जिंदगी का प्यारा मधुर,बेबाक सा अहसास है ,एक दिल है तो एक साँस है,

काली पट्टी

मैं देख रही थी बच्चे,खेल रहे थे खेल , एक की आँख में बांधनी थी पट्टी , औऱ उसे ढूंढ़ना था, पर भी कोई तैयार नहीं था बांधने पट्टी, बड़ी मुश्किल से किया तैयार , सिक्का उछाल कर , तभी मेरे को ख्याल आया , कि कोई नहीं चाहता ये बांधना काली पट्टी , क्योंकि जिसके   पट्टी बँधी हो उसे सब चिढ़ाते है, वे भी हवा में हाथ झूलाते है बड़े अजीब दिखते हैं। तो न्याय मुर्ति के आँख पर पट्टी किसने बांधी, अपने मन से ,या जबरदस्ती किसीने बाँध दी , एक दिन मिलूंगी तो कहूंगी हे!न्याय की देवी ,उतार दो ये काली पट्टी, न्याय बच्चों का खेल नहींहै आज तुम्हारी  इस पट्टी का फायदा हर कोई उढ़। रहा है। नेता से लेकर अभिनेता तक, साधु से लेकर शैतान तक । नोंच डालो ये काली पट्टी औऱ पूरी खुली आँखों से न्याय दो , रोक लो ये बम बारी, ये निर्भया कांड ,ये आंतकवाद औऱ जाति वाद कब तक आंख मूंद कर , सच से दूर रह कर  न्याय करोगी कब तक सच को झूठलाती रहोगी, तुम्हारा तराजू भी अब संतुलन खो चुका है पैसों की तरफ झुक चुका है, एक बार खुली आंख से देख ,तुम्हारी बंद आंख ने कितनी तबाही मचाई है  याद कर एक बार औऱ...

अजब गज़ब

अजब गज़ब 1 जो दूसरों के दुख को दूर करने वाले ढेकेदार दूसरे के दुःख पे ख़ुद को पोसते है समाज में गंदगी फैलाकर समाज में फैली गंदगी को कोसते है 2  बहुत छोटा है आतंकवाद     बहुत बड़ा तुम्हारा भौतिकवाद 3, भीतर ही  है अपने चमत्कार     समक्ष आएगा ,जब छोटे छोटे संकल्पों का      बनाओगे आधार     देश काल परिस्थितियों से प्रभावित ना होना     सदा रखना सदाचार। प्रामाणिक संयत हो विचार शुद्व पुस्ट हो आचार सम हो सबसे करना  व्यवहार पर स्त्री पर धन ,पर न आये विकार

रिश्ते

रिश्ते रिश्तों के पैमाने ,आदर्श वाक्य, परिभाषाऐ अलग है पर व्यवहारिक जिंदगी की कसौटी एकदम विलग है रिश्ते दिल के मिलने से नहीं ,आज कहते है सब यही आर्थिक मानकों के मिलने से रहते है सही रिश्ते रिसते है,भावातिरेक उन्माद में जब गरीब दोस्त ,बचपन की दोस्ती केउत्साह में मिल जाता हैं ,अपने अमीर बने दोस्त से तब निरीह सा  अपमान के घूँट पी सोच लेता है दोस्ती ख़र्च होगई ,वस्तु विनिमय के बाजार में दोस्ती बराबर वालों के साथ होती हैं और उन्ही के साथ निभती है कई अनुभवदारों ने समझाया था पर उस वक़्त कहाँ समझ पाया था वो तो सुदामा -कृष्ण का पाढ़ पढ़आया था। दोस्ती निर्मल ,पाक  निस्वार्थ की बात लिखने वाले सुनो, इस हकीकत से वाकिफ हो जाओगे तो संभल जाओगे, आज ,विभीषण ही मिलेंगे कोई कृष्ण आज दोस्त की खातिर राजा से सारथी नही बनता ,ना ही कोई कर्ण दोस्त पे जान लुटाते है सोच समझ कर रहना ,चिकनी मीठी तलवार से और ढाल लगाना, पीढ़ पे औऱ बचना अपनों के वार से

मुक्ति की क्षमता

छोड़ दे आग्रह, विग्रह, शक्ति व आसक्ति को छोड़ के, मोह माया लोभ, प्राप्त कर  निवर्ति को विवेचना छोड शुभ ,अशुभ योग की चेतना जागृत कर,अपने भीतर की इंद्रिय ,विवेक,संवेदनशीलताकी, ज्ञान ,दर्शन ,चारित्र की। बना मन को बली - औऱ यतना वान साधनीहोगी ,तन  की बिगड़ी तान समभावी चेहरे पे रहती ,सदा निश्छल मुस्कान  सुख दुःख की जीवन में बस एक हो तान  पृष्ठ ऋजु लचीली इतनी कर ले कि जिसमें शक्ति ,श्रम का नियोजन होता हैं,  जो भेद विज्ञान का जानता है, जो निर्जरा को मानता हैं। जो सापेक्ष चिंतन रखता हैं निर्भय हो जीता है, बस उसीका भव भृमण, से निस्तार  होता है जिसकी इच्छायें संयमित होती है, बस उसी में ही मुक्त होने की क्षमता होती हैं।

महत्वकांक्षा

सोचती हूँ, सूरज ने भी एक दिन ऊँचाई की चाह  में महत्वकांक्षा की सीढियों  चढ़ी  होगी  ऊंचाई की चाह में कितनी बार गिरते हैं इंसान  फिर किस -किस पर पैर रख का ऊपर चढ़ते है क्या वहां पहुँच कर ऊँचे बहुत ऊँचे  वह खुश रहे पाते होंगे  शायद ,बिलकुल तनहा रह जाते होंगे क्योंकि  सूरज के सामने सिर  तो सब झुकाते हैं    पर करीब कोई नहीं जाता  क्योंकि उसकी महत्वकांक्षा की तपिश सबको झुलसा देती हैं  दोस्ती विश्वास सबको मुरझा देती हैं  बचना ऐ दोस्त ,ऐसी ऊँचाइयों से  जो तुम्हें तन्हा छोड़ दें , भरी भीड़ में 

भागीरथ ओर गंगा

आज भागीरथ आ गए  जमी पे , बहुत खुश मन से गए  वे गंगा के तट पे  पर उनको वो गंगा नहीं दिखी   जिसे वो गए थे छोड़कर , वो बार बार पता पूछ रहे थे,पर हर बार उतर ये ही आया येही तो गंगा है ,कई कई तो हंसे उनकी नादानी पर कैसा है ये मानव गंगा के तट पे खड़ा गंगा का पता पूछ  रहा है .भागीरथ भी सोच रहे है क्या सच येही मेरी भागीरथी है ,हाँ येही होगी नहीं तो देवदूत मुझे यहाँ क्यों छोड़ जाता  बहुत  असमंजंस  में थे खड़े  , यह क्या? मेरी गंगा है  नहीं हो रहा विश्वास मुझे , हे !गंगे देवी,हे ! गंगे बोल- बोल तू ही बता  क्या ? तू ही मेरी आहवान की गई गंगे है। सब कह रहे है तू ही मेरी गंगे है मौन खड़ी हे कहती क्योँ नहीं मैं,तेरी गंगे नहीं हूँ, बोल न बोल सब्र का बाँध टुटा जा रहा है तू नहीं बोल सकती क्यों की तू तो कचरे की कोई धार है  तुझमें  मेरी गंगा सा नहीं कोई सार है , मेरी गंगा स्वर्ग से आई देवी हैl क्या अनुपम रूपहै, क्या अनुपम तेज़  है प्रखंड तेजस्वनी ,रूप गर्विता दुग्ध सी लहरे, प्रचंड मारती उच्छवास शिवशिरोधारिणी स्...

राखी का सन्देश

  राखी   का    सन्देश दुनिया   की   तल्खियों ,   रूसवाइयों से रहे अलायदा मेरा भैया ,      बहना ने यही अरमान , धागे में है पिरोया      बस बन गई प्रेम की सौदाई ,      मांग रही रब से , तेरे लबों की हंसी      तुम्हारी हर कामना , मंगल - टीके में भर लाई राखी का त्योंहार ,कहाँ हम कहाँ तुम,  पर रेशम के धागे है -स्मृति के आधार  इन  धागों को सजा लेना- कलाई में, ,कितना संजीदा रिश्ता है-संजो लेना दिल में , और आहिस्ता आहिस्ता उड़ेल देना भावनाओ का सागर नयनों  के गागर  में।  बस जब तक ----------------  युहीं हम बसे रहे एक दूजे के  अहसासों में , बस तब तक ============ मिल जाया करेगा , मुझे मेरा उपहार तुम्हारे प्यार में रेशम के  मामूली धागों ने नया , आयाम रच दिया , गैर के हाथों में बंध के भी वात्स्लीय ,छलका दिया . बंध गया जिस हाथ में ,एक रिश्ता बना दिया राखी के साथ जुड...

रंग के रंग

रंग के रंग  रंग में वह जादू है जो रंगने वाले, भीगने वाले और देखने वाले तीनों के मन को विभोर कर देता है। - रंगके रस जो रंग जाये प्रभु  के रंग में तो वियोगी कर देता है .रंग से रंग मिल जाये तो तलीन करता है  रंग के अजब ढंग भी देखे ज़माने में शान्ति के सफ़ेद पे पड़ जाये प्रेम का लाल रंग तो जनाब गुलाबी होते है  पांच से हजारो रंग दे देना ये करामात या तो प्रभु या तो योगी या तो सिर्फरंग ही कर सकता है  जिस तरह रंग सादगी को निखार देते हैं उसी तरह सादगी भी रंगों को निखार देती है।   रंग,औऱ उमंग खुशी तभी देती है जब उसमें उज्ज्वल विचारों की अबरक़ चमचमा रही हो। -   रंग(प्यार ) की उम्र व चमक  बढानी है, तो उसे प्यार की नरम  छाँव\ में रखो .औऱ तदन्तर देखो कमाल ,बस बरस कटेंगे ,रंग नहीं

स्पेशल त्यौहार हाउजी

स्पेशल त्यौहार हाउजी   हाउजी  खेलने के नियम साधारण है बस लाइन या हाउस होगया नहीं बोलना है उसकी जगह निम्नोकित  गाने गाने है  यहाँ houies  का टिकिट लगा दे  पहली   लाइन --------- होली   के दिन दिल खिल ------ दूसरी   लाइन -------- होलिया में उड़े रे        ---------- तीसरी   लाइन ------ रंग   बरसे            --------------- चौथी   लाइन ------ जा रे   हट                ------------ पाँचवी   लाइन ------ अंग से अंग लगा     ------------ छठी   लाइन -------- होली खेले   रघु   ----------- प्रथम अर्द्ध   सम्पूर्ण   वास ----- कृष्ण   गोंपी पर गाये द्वितय अर्द्ध सम्पूर्ण   वास ------- मधुवन   पर गाये     सम्पूर्ण   वास   ...

कटोक्ति

कटोक्ति मत करों गरीबों के लहू का सौदा कल खरीदोंगे  कुछ और सस्ता होगा .

तीन बातें

तीन बातें कभी न भूलें - प्रतिज्ञा करके, क़र्ज़ लेकर और विश्वास देकर। - महावीर तीन बातें करो - उत्तम के साथ संगीत, विद्वान् के साथ वार्तालाप और सहृदय के साथ मैत्री। - विनोबा तीन अनमोल वचन - धन गया तो कुछ नहीं गया, स्वास्थ्य गया तो कुछ गया और चरित्र गया तो सब गया। - अंग्रेजी कहावत तीन से घृणा न करो - रोगी से, दुखी से और निम्न जाती से। - मुहम्मद साहब तीन के आंसू पवित्र होते हैं - प्रेम के, करुना के और सहानुभूति के। - बुद्ध तीन बातें सुखी जीवन के लिए- अतीत की चिंता मत करो, भविष्य का विश्वास न करो और वर्तमान को व्यर्थ मत जाने दो। तीन चीज़ें किसी का इन्तजार नहीं करती - समय, मौत, ग्राहक। तीन चीज़ें जीवन में एक बार मिलती है - मां, बांप, और जवानी। तीन चीज़ें पर्दे योग्य है - धन, स्त्री और भोजन। तीन चीजों से सदा सावधान रहिए - बुरी संगत, परस्त्री और निन्दा। तीन चीजों में मन लगाने से उन्नति होती है - ईश्वर, परिश्रम और विद्या। तीन चीजों को कभी छोटी ना समझे - बीमारी, कर्जा, शत्रु। तीनों चीजों को हमेशा वश में रखो - मन, काम और लोभ। तीन चीज़ें निकलने पर वापिस नहीं आती - तीर कमान से, ब...

स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

किसी ने स्वामी जी से पूछा सब कुछ खो जाने से भी बुरा क्या है  स्वामी जी ने कहा -वो उम्मीद कोन जिसके भरोसे सब कुछ पाया जा सकता है , उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये. उठो मेरे शेरो, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो , तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो , तुम तत्व नहीं हो , ना ही शरीर हो , तत्व तुम्हारा सेवक है तुम तत्व के सेवक नहीं हो. अगर धन दूसरों की भलाई करने में मदद करे, तो इसका कुछ मूल्य है, अन्यथा, ये सिर्फ बुराई का एक ढेर है, और इससे जितना जल्दी छुटकारा मिल जाये उतना बेहतर है. एक शब्द में, यह आदर्श है कि तुम परमात्मा हो. हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिये कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं. विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते 

आदर्श उक्तिया

बड़े कामों में छोटे रहने से अच्छा है . छोटे कामों में बड़ा बनना कमज़ोर व्यक्ति से दुश्मनी ज्यादा खतरनाक होती है क्योँकि वह उस समय वार करता है जब हम कल्पना भी नहीँ  मंजिल मिल ही जायेगी भटकते ही सही, गुमराह तो वो है जो घर से निकले ही नहीं कौन देता हे यहाँ उम्र भर का साथ    यहाँ     यहाँ   तो अर्थी में भी कन्धा बदलते है  दो दिन की है जिन्दगी दो उसूलो के साथ जियों तो फूलों की तरह बिखरो तो खुशबु की तरह " दिमाग ठंडा हो दिल में रहम हो जुबान नरम हो , आँखों में शर्म हो तो फिर सब कुछ तुम्हारा है " जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते। जीवन की सफलता का मून मंत्र बनाते हुआ कृष्ण बलराम से कहते हैं - "जीवन रूपी रथ के चार चक्र हैं - धर्म, नीती, पराक्रम, और आत्मविश्वास । इनमें से किसी एक से रहित व्यक्ति जीवन में सफलता नहीं प्राप्त कर सकता । जरुरत के मुताबिक जिंदगी जिओ - ख्वाहिशों के मुताबिक नहीं। क्योंकि जरुरत तो फकीरों की भी पूरी हो जाती है; और ख्वाहिशें बादशाहों की भी अधूरी रह जाती है। दिल से दूस...

दूसरों का मैल(बुराई)

दूसरों   का मैल(बुराई) निचोड़ -2  कर अपना  घर   गन्दा  मत करो , नहीं तो  ,इतनी  दुर्गन्ध फैलेगी,  कि वो आप स्वयं भी सहन नहीं कर  पाओगे। और लगातार इस तरह का  विष  वमन करोगे तो इतनी  दुर्गन्ध और सड़ाँध फैला दोगे, कि  आस -पास  के लोगों  को भी परेशान करदोगे, मोरल  ये हैकि  दूसरों के बुरे कर्मो कि विवेचना को ज्यादा महत्व  न दे कर दूसरों के सत्कर्मो  का जिक्र ज्यादा करो ताकि आपका घर-प्रागंण  महके . जिससे आपके साथ -२ आपके आस पास का वातावरण भी गमक उठे .

सावन मिलन का गेम

 सावन मिलन   का गेम  ये कुछ नाम है जो आप सावन के गेम में यूज़  कर सकती है  चिट बनाकर चाहे हाउजी में इस्तेमाल कर के शिव                                   त्यौहार                        पवन पार्वती                                मस्ती                          पावन     राधा                                   गीत                             विरह कृष्ण                                 फूल         ...

होली स्पेशल हाऊजी

  होली स्पेशल  हाऊजी  यहाँ  houies  की टिकिट  लगाये    ईस प्रकार  ऑप्शन  रखे , जिसका भी कुछ भी पूरा हो वो ये नहीं कहेगा लाइन  हो गई वो उसके आगे लिखे गाने की लाइन  बोले ग तथा दो लाइन जरुर गाए . नहीं तो बोगी हो जायेगा . पहली  लाइन ---------होली  के दिन दिल खिल ------ दूसरी  लाइन --------होलिया में उड़े रे       ---------- तीसरी  लाइन ------रंग  बरसे           --------------- चौथी  लाइन ------ जा रे  हट               ------------ पाँचवी  लाइन ------ अंग से अंग लगा    ------------ छठी  लाइन -------- होली खेले  रघु  ----------- प्रथम अर्द्ध  सम्पूर्ण  वास -----कृष्ण  गोंपी पर गाये  द्वितय अर्द्ध सम्पूर्ण  वास------- मधुवन  पर गाये    सम्पूर्ण  वास      -----------------रंग ...

Holi aayi

होली बड़ा प्यारा त्यौहार रंग पानी पिचकारी  की धार | झूमें नाचे मस्ती में यार , करें रंगों की बौछार । कैसे मजे की  होली आई , सब ओर खुशियाँ छाई |

होली का त्यौहार।

हम बच्चों  की मस्ती का त्यौहार, जल्द आ रहा होली का त्यौहार। कोई हाथी  का मुखोटा लगाएगा, कोई शेर बनकर गुरायेगा । कोई राक्षस का मुखोटा लगा,  बड़े बड़े दांतों से डराएगा। कोई कोई तोह गधा बनके आएगा  और ढेंचू- ढेंचू का राग अलापे गा। बहुत मजा आएगा ,काले लाल गुलाल खूब उड़ायेंगे जो नहीं खेले गा । उसे सब मिलके रंग के टब मैं डूबायेंगे और हाहा का शोर मचायेंगे । पिचकारी भी कई तरह की लायेंगे कोई बन्दुक कोई बैट  वाली । कोई कोई तो गुलेल वाली लायेगा कोई कोई सर पर रंग बिरंगे बालों का गुच्छा   लगा जोकर ही बन जायेगा। हाहा कितने हुडदंग का त्यौहार होली बच्चों  का प्यारा त्यौहार। .  🔴🟠🌞🟡🔵 *सूरज की  किरणें* *खुशियों की बहार*, *लाल गुलाबी रंग है* *झूम रहा संसार*..  *शुभ हो आपको* *आध्यात्मिक चेतना*  *का ये त्योंहार* 🟡🔵🟠🔴 *वातवलय किस रंग के हैं* ?  *घनोदधिवलय गोमूत्र के रंग* *का,तो घनवातवलय काले रंग की मूंग के समान एवं तनुवातवलय अनेक रंगों वाला है*। 🔴🟠🔵🟡🟡🟢 *ऐसे भांत भांत के रंग मिले है...

pita khula aakash ho tum

पिता  छोटे से परिंदे का विस्तृत आसमान है और नन्हों की असीमित उड़ान है। .उठा तर्जनी दूर कंही गंतव्य  दिखाते है .  हो सफल जीवन हमारा , येही अपना मन्तव्य बनाते है .   प्रेमसिन्धु जो छिपा  आप में,   उसमे भीग कर हम इतराते है .   आपकी स्नेह छाँव में   डर  नहीं  जहाँ का,   हम निर्भय विचरते है  बूंद  बूंद से भरा हमारा  घट,  खुद खाली  होकर जिताए हमें सदा खुद हार कर मेरे तुतलाते  बोलों ने  अर्थ आप से पाया,  हर मुश्किल में संबल आप को पाया मैं निशब्द भला क्या बोलू,आप  संवेदना हैं,एहसास हैं। मेरा विश्वास है , पापा आप मेरे लिए  सब से ख़ास है

शिव भोले है इसी लिए दंण्ड कमंडल वाले है

शिव भोले है इसी लिए दंण्ड कमंडल वाले है शिव सत्य है ,   कल्याणकारी है ,और  सुन्दर है , जल्दी मान जाते है ,जल्दी सबकी इच्छा  पूरी कर देते  है ,पर  खुद भगवान्  होकर भी ,एक छोटा सा घर भी नहीं बनाये,  ना  आभूषणों से सज्जित  है ,बस  मृगछाला लपेट  कैलाश  में धुनी रमाते रहे , शायद इसी के कारण उन्हें भोले ,कहते है , और सभी  अपना काम उनसे सहज  ही  करवा  लेते है , आज उन्ही जैसे सरलचित्त जो शिव सदृश्य होते है उनको इस्तेमाल करते है ,काम होता है तो याद करते हैं ,औऱ फिर यूँ व्यवहार करते जैसे वे कुछ है ही नहीं उन्हें  बेचारगी नजर से भी देखते है ,बस डरते है, तो केवल उनके तांडव से . जो ऐसे लोग  करते भी तो कम है .

स्वस्ध परिवार का आधार

स्वस्ध परिवार  का आधार  भावना  से जुड़े रिश्ते ही स्वस्थ होते है  जिसे  उत्सर्ग की ,प्रधानता और स्वार्थ की नगण्यता . बंधे रखते है  रिश्ते ऐसी  कसौटी,  परीक्षा  और  प्रतियोगिता है    जिसमे एक दुसरे को जीताने की मस्कत चलती है  ऐसा  भावना प्रधान है , जिसमे दुसरे की  खुशीकी जदोजहद चलती है  जिसमे मै, की कोई कहानी नहीं  बस हम की बात चलती है  बड़ों को सन्मान, छोटों को प्यार' एक दुसरे की ख़ुशी में तन मन दो वार गुणों का पान , अवगुणों से रहे बेध्यान , बस यही यही है स्वस्थ परिवार का आधार  और ऐसे ही निर्माण होगा स्वस्थ सुन्दर विश्व परिवार  परिवार के प्रति हो , निष्ठा,प्यार और विश्वाश तनिक भी न हो प्रमाद के लिए अवकाश . इन्ही मानको  से बस निर्माण होता है निहायत अपना प्यारा स्वप्निल परिवार .