शब्द से पहचान चुनाव प्रश्नावली
शब्द से पहचान चुनाव प्रश्नावली
1⃣ 〰〰〰〰〰〰
ल म के ण च य त था
जी ने प र्प रा सु ति क
〰〰〰〰〰〰
2⃣ 〰〰〰〰〰〰
हा ब ली शा को श
ना थ श्या का वी री थ्या
वा ख्या या
〰〰〰〰〰〰〰
3⃣〰〰〰〰〰〰
न स्य ही क्र प्र उ र ले
मि ज्ञा दे त्व व स ध द्
〰〰〰〰〰〰
👆👆ऊपर के शब्दों के तीन सेट में से नीचे दिए गए अंक कोड के और हिंट के अनुसार शब्द बनाइये।
❓1) 12231 (तीर्थंकर)
🅰महावीरजी
❓2) 23(सामयिक का एक दोष)
🅰हास्य
❓3) 221331 (विहरमानजी)
🅰विशालधर जी
❓4) 32131 ( तीर्थंकर के भाई)
🅰रथनेमि जी
❓5) 132 (सर्वज्ञ)
🅰केवली
❓6) 331231(तिर्यंच का प्रकार)
🅰उर परिसर्प
❓7) 131 (एक बलदेव)
🅰पद्म
❓8) 322 (जिनवाणी)
🅰देशना
❓9) 223 (मुक्ति होने पर छूटता है)
🅰शरीर
❓10) 2113 (इसके 12 भाग होते है)
🅰कालचक्र
❓11) 1121 (एक चारित्र)
🅰यथाख्यात
❓12) 31 ( रत्न)
🅰हीरा
❓13) 312133 (मारे बिना मरते नही)
🅰प्रतिवासुदेव
❓14) 211 (मांगने वाला)
🅰याचक
❓15) 321 (एक निर्जरा)
🅰सकाम
❓16)313331 ( इसकी रचना देव करते हैं)
🅰समवसरण
❓17) 2133 ( श्लाघनीय पुरुष)
🅰बलदेव
❓18) 211 ( एक खेचर)
🅰कोयल
❓19) 323 (सबसे बड़ा पाप)
🅰मिथ्यात्व
❓20) 32 (योगों की प्रवृत्ति से उत्पन्न)
🅰लेश्या
❓21) 33 (स्थावर में नही होता)
🅰ज्ञान
❓22) 3333 (2 डूबे 10 तीरे)
🅰नरदेव
❓23) 332( अजीव का भेद)
🅰प्रदेश
❓24) 2133 ((एक श्रावक)
🅰कामदेव
❓25)21 (समकित का लक्षण)
🅰शम
📍चुनाव प्रश्नावली📍
👉🏼खाली जगह मे नीचे दिये शब्द से जवाब लिखना है👈🏼
♦कषाय●धर्म● दुर्ध्यान●अज्ञानी●अनित्य●भोगमुलक पुण्य●प्रायश्चित तप●गुप्ति●स्वाध्याय●प्रमाद●
मिथ्यात्वी●दर्शन मोहनीय कर्म● चेतना●तप●ज्ञानावरणीय कर्म●अश्रुत●लवण●दर्शनावरणीय कर्म●धैर्य●ध्यान● आत्मदर्शन●कायोत्सर्ग●सम्यक्त्व●
देव●मन●मौन●पापाचरण●
कायक्लेश●सत्य●पौषध
✍🏼1) मन रुपी शीशे को ....... द्वारा साफ करना जरुरी है❓
🅰 प्रायश्चित तप
✍🏼2)........ की अभीव्यक्ती का सबसे प्रथम और निकटवर्ती साधन स्थुल शरीर है❓
🅰 चेतना
✍🏼3) सुभूम चक्रवर्ती .......... समुद्र मे गिर कर मरण- शरण हो गया❓
🅰 लवण
✍🏼4)......... के अभाव मे मनोबल गिर जाता है❓
🅰 धैर्य
✍🏼 5)......... तत्व साधना का आ दर्श उपस्थित करता है❓
🅰 देव
✍🏼6).........दया और दान को डूबने वाली नौका कहते है❓
🅰 देव
✍🏼7).........दुख को जानता है और भोगता भी है❓
🅰 अज्ञानी
✍🏼8) मदिरापान का नशा चढते ही........उदय हो जाता है❓
🅰 ज्ञानावरणीय कर्म
✍🏼9)......... स्वेच्छा से ज्ञानपुर्वक किया जाता है❓
🅰 कायक्लेश
✍🏼 10)..........मे साधक मात्र देह का नही देहाध्यास का भी त्याग करता है❓
🅰 कायोत्सर्ग
✍🏼 11) मनपसंद वस्तु पर आसक्त होना........है❓
🅰 पापाचरण
✍🏼 12)......... प्रवृत्ति रहीत भी हो सकती है❓
🅰 गुप्ति
✍🏼13) सुख-दुःख के निमित्त जो पदार्थ है वो ......... है❓
🅰 अनित्य
✍🏼 14) जो तत्काल मोक्ष मंजिल तक पहुंचाये वो ........ है❓
🅰 तप
✍🏼15) अच्छा कार्य करते समय नींद आने लगे तो ......... फलोन्मुख है❓
🅰 दर्शनावरणीय कर्म
✍🏼16) आत्मा का अपने स्वभाव मे रमण करना ......... है❓
🅰 धर्म
✍🏼17) जैसे-तैसे धर्मक्रिया को निपटा देना ......... है❓
🅰 प्रमाद
✍🏼18) आत्मा मे ज्ञान ......... की नियमितता के बिना प्रगट नही होता❓
🅰 स्वाध्याय
✍🏼19)......... धर्मो को सम्यक प्रकार से सुनने के लिए जागृत रहे❓
🅰 अश्रुत
✍🏼20) तप तभी तक करना चाहिए जब तक मन मे ......... न हो❓
🅰 दुर्ध्यान
✍🏼21) अव्यक्त शब्दों का मन में उच्चार नही करना .......... है❓
🅰 मौन
✍🏼22) साधको के लिए ......... निषिध्द है❓
🅰 भोगमुलक पुण्य
✍🏼23).........से स्थुल काया का ममत्व दुर होता है❓
🅰 आत्मदर्शन
✍🏼24).......... प्राप्ती से लेकर मोक्ष प्राप्ती तक के जन्मो की गणना की जाती है❓
🅰 सम्यक्त्व
✍🏼25).......... के कारण जीव पर द्रव्य को अपना मानता है❓
🅰 दर्शन मोहनीय कर्म
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ल म के ण च य त था
जी ने प र्प रा सु ति क
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हा ब ली शा को श
ना थ श्या का वी री थ्या
वा ख्या या
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न स्य ही क्र प्र उ र ले
मि ज्ञा दे त्व व स ध द्
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👆👆ऊपर के शब्दों के तीन सेट में से नीचे दिए गए अंक कोड के और हिंट के अनुसार शब्द बनाइये।
❓1) 12231 (तीर्थंकर)
🅰महावीरजी
❓2) 23(सामयिक का एक दोष)
🅰हास्य
❓3) 221331 (विहरमानजी)
🅰विशालधर जी
❓4) 32131 ( तीर्थंकर के भाई)
🅰रथनेमि जी
❓5) 132 (सर्वज्ञ)
🅰केवली
❓6) 331231(तिर्यंच का प्रकार)
🅰उर परिसर्प
❓7) 131 (एक बलदेव)
🅰पद्म
❓8) 322 (जिनवाणी)
🅰देशना
❓9) 223 (मुक्ति होने पर छूटता है)
🅰शरीर
❓10) 2113 (इसके 12 भाग होते है)
🅰कालचक्र
❓11) 1121 (एक चारित्र)
🅰यथाख्यात
❓12) 31 ( रत्न)
🅰हीरा
❓13) 312133 (मारे बिना मरते नही)
🅰प्रतिवासुदेव
❓14) 211 (मांगने वाला)
🅰याचक
❓15) 321 (एक निर्जरा)
🅰सकाम
❓16)313331 ( इसकी रचना देव करते हैं)
🅰समवसरण
❓17) 2133 ( श्लाघनीय पुरुष)
🅰बलदेव
❓18) 211 ( एक खेचर)
🅰कोयल
❓19) 323 (सबसे बड़ा पाप)
🅰मिथ्यात्व
❓20) 32 (योगों की प्रवृत्ति से उत्पन्न)
🅰लेश्या
❓21) 33 (स्थावर में नही होता)
🅰ज्ञान
❓22) 3333 (2 डूबे 10 तीरे)
🅰नरदेव
❓23) 332( अजीव का भेद)
🅰प्रदेश
❓24) 2133 ((एक श्रावक)
🅰कामदेव
❓25)21 (समकित का लक्षण)
🅰शम
📍चुनाव प्रश्नावली📍
👉🏼खाली जगह मे नीचे दिये शब्द से जवाब लिखना है👈🏼
♦कषाय●धर्म● दुर्ध्यान●अज्ञानी●अनित्य●भोगमुलक पुण्य●प्रायश्चित तप●गुप्ति●स्वाध्याय●प्रमाद●
मिथ्यात्वी●दर्शन मोहनीय कर्म● चेतना●तप●ज्ञानावरणीय कर्म●अश्रुत●लवण●दर्शनावरणीय कर्म●धैर्य●ध्यान● आत्मदर्शन●कायोत्सर्ग●सम्यक्त्व●
देव●मन●मौन●पापाचरण●
कायक्लेश●सत्य●पौषध
✍🏼1) मन रुपी शीशे को ....... द्वारा साफ करना जरुरी है❓
🅰 प्रायश्चित तप
✍🏼2)........ की अभीव्यक्ती का सबसे प्रथम और निकटवर्ती साधन स्थुल शरीर है❓
🅰 चेतना
✍🏼3) सुभूम चक्रवर्ती .......... समुद्र मे गिर कर मरण- शरण हो गया❓
🅰 लवण
✍🏼4)......... के अभाव मे मनोबल गिर जाता है❓
🅰 धैर्य
✍🏼 5)......... तत्व साधना का आ दर्श उपस्थित करता है❓
🅰 देव
✍🏼6).........दया और दान को डूबने वाली नौका कहते है❓
🅰 देव
✍🏼7).........दुख को जानता है और भोगता भी है❓
🅰 अज्ञानी
✍🏼8) मदिरापान का नशा चढते ही........उदय हो जाता है❓
🅰 ज्ञानावरणीय कर्म
✍🏼9)......... स्वेच्छा से ज्ञानपुर्वक किया जाता है❓
🅰 कायक्लेश
✍🏼 10)..........मे साधक मात्र देह का नही देहाध्यास का भी त्याग करता है❓
🅰 कायोत्सर्ग
✍🏼 11) मनपसंद वस्तु पर आसक्त होना........है❓
🅰 पापाचरण
✍🏼 12)......... प्रवृत्ति रहीत भी हो सकती है❓
🅰 गुप्ति
✍🏼13) सुख-दुःख के निमित्त जो पदार्थ है वो ......... है❓
🅰 अनित्य
✍🏼 14) जो तत्काल मोक्ष मंजिल तक पहुंचाये वो ........ है❓
🅰 तप
✍🏼15) अच्छा कार्य करते समय नींद आने लगे तो ......... फलोन्मुख है❓
🅰 दर्शनावरणीय कर्म
✍🏼16) आत्मा का अपने स्वभाव मे रमण करना ......... है❓
🅰 धर्म
✍🏼17) जैसे-तैसे धर्मक्रिया को निपटा देना ......... है❓
🅰 प्रमाद
✍🏼18) आत्मा मे ज्ञान ......... की नियमितता के बिना प्रगट नही होता❓
🅰 स्वाध्याय
✍🏼19)......... धर्मो को सम्यक प्रकार से सुनने के लिए जागृत रहे❓
🅰 अश्रुत
✍🏼20) तप तभी तक करना चाहिए जब तक मन मे ......... न हो❓
🅰 दुर्ध्यान
✍🏼21) अव्यक्त शब्दों का मन में उच्चार नही करना .......... है❓
🅰 मौन
✍🏼22) साधको के लिए ......... निषिध्द है❓
🅰 भोगमुलक पुण्य
✍🏼23).........से स्थुल काया का ममत्व दुर होता है❓
🅰 आत्मदर्शन
✍🏼24).......... प्राप्ती से लेकर मोक्ष प्राप्ती तक के जन्मो की गणना की जाती है❓
🅰 सम्यक्त्व
✍🏼25).......... के कारण जीव पर द्रव्य को अपना मानता है❓
🅰 दर्शन मोहनीय कर्म
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