चौथा आरा - दुःषम-सुषमा काल

अवसर्पिणी का चौथा  दुषमा सुषमा काल कर्मभूमि का १ कोड़ा कोडी सागर में से ४२००० वर्ष कम का होता है !इसमें सभी जीवों को अपनी जीविका के लिए पुरुषार्थ करना पड़ता है क्योकि कल्प वृक्षों की फलदान शक्ति समाप्त हो जाती हा !इसमें जीवों की उत्कृष्ट आयु १ कोटि पूर्व ऊंचाई ५०० धनुष होती है!इसी काल मे धर्म प्रवर्तन होता है ,६३ श्लाखा पुरुष; १६९ महान पुरुष २४ तीर्थंकरों के  माता,पिता, कामदेव ,१४ ,कुलकर,११रुद्र,१२ चक्रवर्ती,९-९ बलभद्र,नारायण और प्रतिनारायण ,नारद  होते है !

May 05, 2015, 00:45 IST
चौथा आरा - दुःषम-सुषमा काल
१. तीसरे आरा पूर्ण होने पर कौनसा आरा लगता है?
१.उत्तर:- चौथा आरा लगता है।
२. चौथे आरा का नाम क्या है?
२.उत्तर:-दुःषम-सुषमा काल।
३. चौथे आरा में कितने संहनन होते थे?
३. उत्तर:- छहों संहनन होते थे।
४. चौथे आरे में कितने संसथान होते थे?
४.उत्तर:- छहो संस्थान होते थे।
५. चौथे आरे में शरीर की ऊँचाई कितनी होती थी?
५. उत्तर:-अनेक धनुष प्रमाण होती थी।
६. चौथे आरे में उम्र कितनी होती थी?।
६.उत्तर:- जघन्य- अन्तमुहूर्त,उत्कृष्ट-कऱोड पूर्व की।
७. चौथे आरे में मनुष्य मरकर कहाँ जाते है?
७. उत्तर:- चारों गतियोँ में गमनागमन कर सकते है।
८. क्या चौथे आरे के मानव मोक्ष जा सकते है?
८. उत्तर :- हां ,जा सकते है
९. चौथे आरे में कितने वंश उत्पन्न होती है?
९. उत्तर:- तीन वंश उत्पन्न होती है।
१०.तीन वंश कौन- कौन से होते है?
१०. उत्तर:- १. अरिहंत वंश
२. चक्रवर्ती वंश
३.दसार- दशाह वंश।
११. दशाह वंश किसका कहलाता है?
११. उत्तर बलदेव वासुदेव की उत्पति का वंश- दशाह वंश कहलाता है।
१२. चौथे आरे में कितने तीर्थंकर होते है?
१२. उत्तर:- २३ तीर्थंकर होते है|
१३. चौथे आरे में कितने चक्रवर्ती होते है?
१३. उत्तर:- ११ चक्रवर्ती होते है।
१४. चौथे आरे में कितने बलदेव होते है?
१४. उत्तर:- ९ बलदेव होते है।
१५. चौथे आरे में कितने वासुदेव होते है?
१५. उत्तर:- ९ वासुदेव होते है।
१६. चौथे आरे में कितने प्रतिवासुदेव होते है?
१६. उत्तर:- ९ प्रतिवासुदेव होते है।
१७. चौथे आरे का कालमान कितना है ?
१७. उत्तर:-एक कोडाकोडी सगरोपम में ४२ हजार वर्ष कम है ।
१८. चौथे आरे में मिट्टी का स्पर्श कैसा होता है ?
१८. उत्तर:- रुई जैसा होता है ।
१९. चौथे आरे में मिट्टी का स्वाद कैसा होता है ?
१९. चावल के मैदे जैसा लगता है?
१९. उत्तर:-चावल के मैदे जैसा लगता है ।
२०. यह भूमि तीर्थंकर रहित कब बनी ?
२०. उत्तर:- चौथे आरे के ३ वर्ष साढ़े आठ माह बाक़ी रहते जब २४ वे अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर मोक्ष पधारे तब से यह भूमि तीर्थंकर रहित बनी थी ।
२१. चौथे आरे लगते मानवों की उम्र कितनी थी ?
२१. उत्तर:- जघन्य-अन्तर्मुहूर्त,उत्कृष्ट-कऱोड़ पूर्व की।
२२.चौथे आरे उतरते मानवों की उम्र कितनी थी ?
२२. उत्तर:- जघन्य-अन्तर्मुहूर्त,उत्कृष्ट- १००वर्ष झाझेरी।
२३.चौथे आरे लगते मानवों की अवगाहन कितनी थी ?
२३. उत्तर:- ५००धनुष प्रमाण।
२४.चौथे आरे उतरते मानवों की अवगाहन कितनी थी ?
२४. उत्तर:- ७ हाथ प्रमाण।
२५. चौथे आरे में एक वर्ष बरसने पर कितने समय तक धरती सरसब्ज रहती थी?
२५. उत्तर:- १० वर्ष तक
२६. चौथे आरा लगते मानवों के शरीर में कितनी पंसलियाँ थी?
२६. उत्तर :- ३२पंसलियाँ थी।
२७. चौथा आरा उतरते मानवों के शरीर में कितनी पंसलियाँ थी?
२७. उत्तर:- १६ पंसलियाँ थी।
२८. चौथे आरा में मानवों को आहरेच्छा कितने समय से होती थी?
२८. उत्तर :- प्रतिदिन आहार की इच्छा होती थी (दिन में एक बार)।
२९.चौथे आरे में मनुष्यों का आपसी व्यवहार कैसा था ?
२९. उत्तर:- स्नेह पूर्ण व्यवहार था,राजा सही न्याय करता था ,और देवताओं में सत्यता (सांच) होती थी।
यहाँ चौथा आरा समाप्त होता है
जिनाज्ञा विरुद्ध कुछ भी लिखा गया हो तोह मिच्छामी दुक्कड़म।

 चौथे आरे में कितने वंश उत्पन्न होते है⁉
 🅰2⃣6⃣ तीन वंश।
❓2⃣7⃣ तीन वंश कौन-कौन से होते है⁉
 🅰2⃣7⃣ 1.अरिहंत वंश
                  2.चक्रवर्ती वंश
                  3.दसार-दशार्ह वंश।

चौथे आरे में मिट्टी का स्पर्श कैसा होता है⁉

 🅰1⃣4⃣ रुई जैसा होता है।

चौथा आरा - दुःषम-सुषमा काल

१. तीसरे आरा पूर्ण होने पर कौनसा आरा लगता है?

१.उत्तर:- चौथा आरा लगता है।

२. चौथे आरा का नाम क्या है?

२.उत्तर:-दुःषम-सुषमा काल।

३. चौथे आरा में कितने संहनन होते थे?

३. उत्तर:- छहों संहनन होते थे।

४. चौथे आरे में कितने संसथान होते थे?

४.उत्तर:- छहो संस्थान होते थे।

५. चौथे आरे में शरीर की ऊँचाई कितनी होती थी?

५. उत्तर:-अनेक धनुष प्रमाण होती थी।

६. चौथे आरे में उम्र कितनी होती थी?।

६.उत्तर:- जघन्य- अन्तमुहूर्त,उत्कृष्ट-कऱोड पूर्व की।

७. चौथे आरे में मनुष्य मरकर कहाँ जाते है?

७. उत्तर:- चारों गतियोँ में गमनागमन कर सकते है।

८. क्या चौथे आरे के मानव मोक्ष जा सकते है?

८. उत्तर :- हां ,जा सकते है

९. चौथे आरे में कितने वंश उत्पन्न होती है?

९. उत्तर:- तीन वंश उत्पन्न होती है।

१०.तीन वंश कौन- कौन से होते है?

१०. उत्तर:- १. अरिहंत वंश 
२. चक्रवर्ती वंश
३.दसार- दशाह वंश।

११. दशाह वंश किसका कहलाता है?

११. उत्तर बलदेव वासुदेव की उत्पति का वंश- दशाह वंश कहलाता है।

१२. चौथे आरे में कितने तीर्थंकर होते है?

१२. उत्तर:- २३ तीर्थंकर होते है|

१३. चौथे आरे में कितने चक्रवर्ती होते है?

१३. उत्तर:- ११ चक्रवर्ती होते है।

१४. चौथे आरे में कितने बलदेव होते है?

१४. उत्तर:- ९ बलदेव होते है।

१५. चौथे आरे में कितने वासुदेव होते है?

१५. उत्तर:- ९ वासुदेव होते है।

१६. चौथे आरे में कितने प्रतिवासुदेव होते है?

१६. उत्तर:- ९ प्रतिवासुदेव होते है।

१७. चौथे आरे का कालमान कितना है ?

१७. उत्तर:-एक कोडाकोडी सगरोपम में ४२ हजार वर्ष कम है ।

१८. चौथे आरे में मिट्टी का स्पर्श कैसा होता है ?

१८. उत्तर:- रुई जैसा होता है ।

१९. चौथे आरे में मिट्टी का स्वाद कैसा होता है ?

१९. चावल के मैदे जैसा लगता है?

१९. उत्तर:-चावल के मैदे जैसा लगता है ।

२०. यह भूमि तीर्थंकर रहित कब बनी ?

२०. उत्तर:- चौथे आरे के ३ वर्ष साढ़े आठ माह बाक़ी रहते जब २४ वे अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर मोक्ष पधारे तब से यह भूमि तीर्थंकर रहित बनी थी ।

२१. चौथे आरे लगते मानवों की उम्र कितनी थी ?

२१. उत्तर:- जघन्य-अन्तर्मुहूर्त,उत्कृष्ट-कऱोड़ पूर्व की।

२२.चौथे आरे उतरते मानवों की उम्र कितनी थी ?

२२. उत्तर:- जघन्य-अन्तर्मुहूर्त,उत्कृष्ट- १००वर्ष झाझेरी।

२३.चौथे आरे लगते मानवों की अवगाहन कितनी थी ?

२३. उत्तर:- ५००धनुष प्रमाण।

२४.चौथे आरे उतरते मानवों की अवगाहन कितनी थी ?

२४. उत्तर:- ७ हाथ प्रमाण।

२५. चौथे आरे में एक वर्ष बरसने पर कितने समय तक धरती सरसब्ज रहती थी?

२५. उत्तर:- १० वर्ष तक

२६. चौथे आरा लगते मानवों के शरीर में कितनी पंसलियाँ थी?

२६. उत्तर :- ३२पंसलियाँ थी।

२७. चौथा आरा उतरते मानवों के शरीर में कितनी पंसलियाँ थी?

२७. उत्तर:- १६ पंसलियाँ थी।

२८. चौथे आरा में मानवों को आहरेच्छा कितने समय से होती थी?

२८. उत्तर :- प्रतिदिन आहार की इच्छा होती थी (दिन में एक बार)।

२९.चौथे आरे में मनुष्यों का आपसी व्यवहार कैसा था ?

२९. उत्तर:- स्नेह पूर्ण व्यवहार था,राजा सही न्याय करता था ,और देवताओं में सत्यता (सांच) होती थी।

यहाँ चौथा आरा समाप्त होता है 
जिनाज्ञा विरुद्ध कुछ भी लिखा गया हो तोह मिच्छामी दुक्कड़म।

1) बाईसवेंतीर्थंकर को ककतनेकिनों बाि केवल ज्ञान की प्राकिहुई? 

Ans. 22 वेंतीर्थंकर अररष्टनेमी को प्रव्रकित होने के 54 (चोपन) किन बाि के वल्य ज्ञान की 

 प्राकिहुई।

2) पाांच महाव्रत कौन कौन सेतीर्थंकरों के वक्त चलता है? नाम उल्लेख करें।

Ans. पाांच महाव्रत प्रर्थम व अांकतम तीर्थंकर के समय चला। प्रर्थम तीर्थंकर भगवान ऋषभ व 

 अांकतम तीर्थंकर भगवान महावीर र्थे।

3) भगवान महावीर पार्श्वनार्थ को क्या कहकर सांबोकित करतेर्थे? 

Ans. भगवान महावीर पार्श्वनार्थ को परु

षािानीय कहकर सांबोकित करतेर्थे।

4) चार याम का तीर्थव ककतने तीर्थंकरों के समय चलता है! उनकी सांख्या क्या ह।ै

Ans. चार याम का तीर्थव 22 तीर्थवकरो केसमय चला िस

रेसेतेईसवेंतीर्थंकर तक।

5) हम किस आरे में िी रहे हैं, उसका नाम वह काल मान कलखें।

Ans. हम अवसकपवणी केपाांचवेआरेमेंिी रहेह।ैइसका कालमान 21000 वषव है। 

6) अवसकपवणी काल में ककसका ह्रास होता है? 

Ans. अवसकपवणी काल में भौगोकलक पररकथर्थकत, मानवीय सभ्यता तर्था सांथकृकत का ह्रास होता ह।ै

7) यह िगत ककसका सांयोग ह?ै

Ans. िीव - अिीव 

8) यह िगत ककन द्रव्यों का समवाय है? 

Ans. यह िगत चेतन और अचेतन का समवाय है। 

9) अवसकपवणी काल के चौर्थे कवभाग का नाम क्या है? उसका काल मान भी कलखें।

Ans. अवसकपवणी काल का चौर्था कवभाग दुषम - सषुमा है, इसका कालमान 1 कोडा - कोडी में 

 42000 वषव कम का है। 

10) उत्सकपवणी में पहलेिष्

म आएगा या सष

मा? िोनों का काल मान भी कलखें। 

Ans. उत्सकपवणी मेंपहलेिष

म आऐगा यह िस

रा कवभाग होगा।इसका कालमान 21000 वषव।

 पाांचवाांआरा सष

मा आऐगा । किसका कालमान 3 कोडा - कोडी सागर होगा।
















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